हेलीकॉप्टर घूस पर हंगामा: तृणमूल सांसद सुखेंदु राय निलंबित
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
संसद
में पिछले सप्ताह सियासी संग्राम का कारण बने अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर
सोमवार को भी जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामे के कारण राज्यसभा में तृणमूल
कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर राय को दिनभर के लिए सदन से निष्कासित कर दिया
गया। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस ने अगस्ता वेस्टलैंड मुद्दे को पीछे
धकेलकर गुजरात में केजी बेसिन मामले पर हंगामा करके पीएम मोदी से जवाब की
मांग करते हुए जमकर हंगामा किया।
उच्च सदन की सोमवार को
कार्यवाही शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखे जाने के बाद उप
सभापति पी.जे. कुरियन ने शून्यकाल की घोषणा की, तो कांग्रेस के मधुसूदन
मिस्त्री ने जीएसपीसी के संबंध में कैग की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए 30
हजार करोड़ रुपए का घोटाला उजागर होने का मामला उठाया। गुजरात स्टेट
पेट्रोलियम निगम (जीएसपीसी) यानि केजी बेसिन पर कैग की रिपोर्ट को लेकर
कांग्रेस के सदस्यों ने आसन के करीब आगर नारेबाजी शुरू करके जमकर हंगामा
किया। जबकि दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने भी आसन के करीब आकर
अगस्ता वेस्टलैंड में घूसकांड के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू
कर दिया। इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को शून्यकाल में ही स्थगित
करना पड़ा। इससे पूर्व तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने अगस्तावेस्टलैंड
मामले में अन्य कामकाज निलंबित कर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने और
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के तुरंत जवाब देने की चिल्ला चिल्लाकर मांग
की, जबकि चार मई को दोनोें सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा पहले से ही तय है।
राय के असंसदीय व्यवहार के कारण पीठासीन से उन्हें सदन से बाहर करके पूरे
दिन की कार्यवाही से निलंबित करने का आदेश दिया। वहीं उप सभापति पीजे
कुरियन ने शून्यकाल में कामकाज निलंबित करने का कोई नियम का हवाला देते हुए
सुखेन्दु शेखर राय के नोटिस को भी खारिज कर दिया।
केजी बेसिन पर कांग्रेस का हंगामा
कैग
की रिपोर्ट में गुजरात की केजी बेसिन गैस परियोजना में अनियमितताओं के
बारे में संकेत किए जाने को लेकर सदन में चर्चा और प्रधानमंत्री के जवाब की
मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बार-बार
बाधित हुई। गुजरात राज्य पेट्रोलियम कारपोरेशन की केजी बेसिन गैस परियोजना
में कैग की नवीनतम रिपोर्ट में अनियमितताओं का जिक्र किए जाने पर कांग्रेस
के सदस्य सदन में चर्चा कराए जाने और प्रधानमंत्री के जवाब की मांग कर रहे
थे। सरकार की ओर से कहा गया कि कैग की रिपोर्टों पर राज्य विधानसभाओं की
लोक लेखा समितियां विचार करती हैं और उन पर संसद में चर्चा किए जाने की
परंपरा नहीं है। इसके लिए दिये गये नोटिस पर चर्चा होगी या नहीं सभापति के
निर्णय पर निर्भर है।
तृणमूल ने किया सदन से वाकआउट

कांग्रेस-तृणमूल आमने सामने
दरअसल
कांग्रेस के गले की फांस बनते जा रहे अगस्तावेस्ट लैंड मुद्दे पर तृणमूल
कांग्रेस चर्चा कराने की मांग कर रही है, तो कांग्रेस ने गुजरात में उस कैग
रिपोर्ट को उठाकर उसमें उजागर केजी बेसिन के कथित घोटाले पर चर्चा कराने
की मांग पर हंगामा करके सियासी घमासान के माहौल को तैयार कर रही थी।
राज्यसभा में सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इन दो अलग-अलग
मुद्दों पर चर्चा कराने को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सांसद आपस में
भिड़ते नजर आए। यही नहीं दोनों दल आसन के करीब आकर अपने-अपने मुद्दो पर
नारेबाजी करके हंगामा करने लगे तो सदन की कार्यवाही को शून्यकाल में स्थगित
करना पड़ा।
भाजपा-कांग्रेस में जारी तकरार
राज्यसभा
में भाजपा ने विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का
नोटिस दिया है। यह नोटिस गुलाम नबी आजाद के उस बयान के बाद दिया गया,
जिसमें उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर
इटली के साथ मिलकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को फंसाने की डील करने
का आरोप लगाया था।
समय से पहले समाप्त हो सकता है सांसद सत्र
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
संसद
के मौजूदा सत्र को तय समय सीमा से समाप्त करने की भी संभावना बनी हुई है।
मसलन संसद में सरकार के पास अब कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी नहीं बचे
है, इसलिए सरकार तय समय से पूर्व ससंद सत्र को स्थगित कर सकती है। गत
25 अप्रैल से शुरू हुआ संसद सत्र हालांकि आगामी 13 मई तक के लिए
प्रस्तावित है। वैसे भी संसद सत्र के पहले ही दिन से हंगामे के चलते
कार्रवाई कई बार बाधित हुई है। संसद में अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद मामले में
सत्ता पक्ष ने विपक्ष खासकर कांग्रेस को जमकर घेरा, वहीं जेएनयू में देश
विरोधी नारेबाजी करने के आरोपी कन्हैया कुमार पर कार्रवाई के विरोध विपक्षी
सांसदों ने खूब हंगामा किया। अब गुजरात में कैग रिपोर्ट के मामले पर
कांग्रस हंगामा करने पर उतारू है, इसलिए भी ऐसी संभावनाओं से इंकार नहीं
किया जा सकता।
चुनावी दबाव भी कारण
सूत्रों के
अनुसार 16 मई को तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी के होने जा रहे विधानसभा
चुनावों को लेकर यहां के सांसदों ने भी संसद सत्र शीघ्र समाप्त करने के लिए
सरकार पर दबाव बनाया हुआ है। जिसके चलते सरकार भी सत्र जल्दी समाप्त करने
पर विचार कर रही है। तमिलनाडु की 234, केरल की 140 और पुदुचेरी की 30
विधानसभा सीटों के लिए विधानसभा चुनाव होने हैं।
03May-2016
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