केंद्र
सरकार ने संसद में स्प्ष्ट की स्थिति
दरअसल
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अतंर्राज्यीय नदी महानदी पर किये जा रहे छह औद्योगिक
बैराजों के निर्माण के संबन्ध में ओडिशा के सांसद रवीन्द्र कुमार जेना ने लोकसभा
में सवाल कि क्या इन बैराजों के लिए छग सरकार ने केंद्र सरकार से अनुमति ली है? के
जवाब में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि नदी
बेसिनों पर सिंचाई परियोजनाओं का केंद्रीय जल आयोग द्वारा तकनीकी व आर्थिक
मूल्याकंन करने के बाद नियोजित परियोजनाओं को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की
तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अनुमोदन व स्वीकृति दी गई है। महानदी पर इन छह
परियोजनाओं को छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण को पर्यावरण की
स्वीकृति दी हुई है। जब जेना ने छत्तीसगढ़ में महानदी के डेल्टा क्षेत्र में भारी
बाढ़ के दौरान ओडिशा को बाढ़ का पानी देने की योजना, प्राकृतिक प्रवाह और नदी की
स्थिति बनाने समेत ओडिशा की उर्वरता संबन्धी आवश्यकताओं को पूरा करने जैसे
प्रावधानों के बारे में जानकारी मांगी तो सरकार की ओर से मेघवाल ने बतया कि ओडिशा
सरकार द्वारा महानदी विवाद की 19 नवंबर 2016 की शिकायत के जरिए जल संसाधन मंत्रालय
को भेजे के गये दावे के प्रस्ताव के अनुसार छत्तीसगढ़ में मौजूदा चल रही और भविष्य
में सिंचाई, औद्योगिक उपयो के साथ घरेलू परियोजनाओं के प्रयोजनों के लिए 33.89
बीसीएम तक जल की आवश्यकता होगी। इस शिकायत में ओडिशा सरकार ने हीराकुंड बांध में
न्यूनतम प्रवाह की मात्रा, अधिशेष प्रवाह जैसे मुद्दे भी उठाए थे।
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
ओडिशा
के साथ चल रहे महानदी जल विवाद के कारण छत्तीसगढ़ के कई ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
खासकर छह बैराज फंसे हुए हैं जिन्हें केंद्र व राज्य सरकार की पर्यावरण की मंजूरी
भी मिली हुई है। इस विवाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित ट्रिब्यूनल में विचाराधीन
है।

ट्रिब्यूनल में विचाराधीन
विवाद
केंद्रीय
राज्य मंत्री मेघवाल ने सदन में पूछे गये सवालों के जवाब में यह भी जानकारी दी कि
मंत्रालय में दी गई शिकायत के बीच ही ओडिशा सरकार छत्तीसगढ़ सरकार को छह औद्योगिक
बैराजों के निर्माण को जारी रखने और उनके संचाल तथा भविष्य में काई और परियोजना
शुरू करने से रोकने हेतु सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर कर दिया। इस मामले पर इसी साल
23 जनवरी को की गई अंतिम सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक महीने के भीतर केंद्र
सरकार को महानदी विवाद को सुलझाने के लिए महानदी विवाद ट्रिब्यूनल का गठन करने का
आदेश दिया, जिसके अनुसार केंद्र सरकार ने गत 12 मार्च को ट्रिब्यूनल गठित करके
अधिसूचना जारी की और यह मामला ट्रिब्यूनल के समक्ष विचाराधीन है।
छत्तीसगढ़ में स्वीकृत 12
परियोजनाएं
जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार मंत्रालय की तकनीकी
सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ में फरवरी 2003 से सितंबर 2016 के बीच 12
परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें सात फरवरी 2003 में स्वीकृत महानदी जलाशय
परियोजना भी शामिल है,जिसमें बाद में 26 सितंबर 2009 को संशोधन भी किया गया। ऐसे
ही स्वीकृत तीन और परियोजनाओं में संशोधन को स्वीकृति दी गई। जहां तक राज्य
पर्यावरवण प्रभाव आकलन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ द्वारा पर्यावरण अनापत्ति पत्र जारी
करने का सवाल है उसमें छह बैराज शामिल हैं, जिनमें जंजगीर चंपा में कलमा बैराज, शिवोरीनारायण
बैराज, बसंतपुर बैराज, मिरोनी बैराज, साराडीह बैराज तथा रायपुर समोदा बैराज शामिल
है।
28JUly-2018
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