मध्य प्रदेश के तीन शहरों पर 12539 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
केंद्र
सरकार द्वारा पहले चरण में जिन बीस शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में
विकसित करने का ऐलान किया है, उन्हें विकसित करने के लिए 50845.20 करोड़
खर्च किया जाएगा। इस अनुमानित कुल खर्च में 12539 करोड़ अकेले मध्य प्रदेश
के जबलपुर, इंदौर और भोपाल शहरों पर खर्च होगा।
केंद्र सरकार ने
पहले चरण के लिए एक दिन पहले ही 12 राज्यों के बीस शहरों को स्मार्ट शहरों
के रूप में विकसित करने का ऐलान किया है। इन बीस शहरों पर केंद्र सरकार ने
पांच साल में 50,845.20 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इनमें 38,657.10 करोड़ शहरी
क्षेत्र के विकास और 12188.10 करोड़ रुपये की रकम इन शहरों में बुनियादी
सुविधाओं समेत करीब पांच दर्जन मद्दों में सुविधाएं मुहैया कराने पर खर्च
किया जाएगा। मसलन केंद्र सरकार इन शहरों में पानी और बिजली आपूर्ति, सफाई
और ठोस कचरा प्रबंधन, समुचित शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, आईटी
कनेक्टीविटी, ई-गवर्नेंस के माध्यम, बुनियादी सुविधाएं और नागरिक सहभागिता
विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
मध्य प्रदेश के स्मार्ट सिटी का खर्च
पहले
चरण में 20 शहरों को स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित करने के लिए पांच
साल तक खर्च की कुल अनुमानित राशि में से अकेले 12539 करोड़ की राशि मध्य
प्रदेश के र्स्माट शहरों जबलपुर, इंदौर और भोपाल के विकास पर खर्च की
जाएगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार जबलपुर को स्मार्ट सिटी के
रूप में विकसित करने के लिए कुल 2290 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया
गया है, जिसमें 1751 करोड़ से 590 एकड़ क्षेत्र के विकास और 539 करोड़ रुपये
शहरी बुनियादी सुविधााओं पर खर्च होंगे। इसी प्रकार इंदौर में खर्च होने
वाली 5099.60 करोड़ की राशि में से 4468.76 करोड़ रुपये 742 एकड़ ऐतिहासिक
क्षेत्र को विकसित करने और 388 करोड़ की राशि शहरी समस्याओं के समाधान पर
खर्च होने हैं। जब कि राज्य की राजधानी भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए
3440.90 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस राशि में से शहर में ही
350 एकड़ सरकारी भूमि क्षेत्र को विकसित करने के लिए 2565.20 करोड़ तथा
875.70 करोड़ शहर की जनता की बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर खर्च
किये जाएंगे।
इन शहरों पर कितना खर्च

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें