अभिनय और हास्य व्यंग्य कला में हासिल की लोकप्रियता
व्यक्तिगत परिचय
नाम: रेणू दूहन
जन्मतिथि: 17 अक्टूबर 1995
जन्म स्थान: गांव पेटवाड़, जिला हिसार
शिक्षा:बीए. एमए(हिंदी), डीईपीएड
संप्रत्ति: हास्य कलाकार एवं मिमिक्री आर्टिस्ट
संपर्क: रोहतक रोड़, जींद(हरियाणा), मोबा.-8396968657
BY--ओ.पी. पाल
हरियाणा की लोक कला एवं संस्कृति को जीवंत रखने की दिशा में लेखक, लोक कलाकार, गीतकार अलग अलग विधाओं में अपनी कलाओं की अलख अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जगाने में जुटे हुए हैं। ऐसे ही कलाकारों में युवा महिला कलाकार रेणू दूहन ने सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों और संस्कृति के साथ सामयिक घटनाओं पर आधारित लेखन तथा लोक कला के प्रदर्शन से खासकर युवा पीढ़ी को नई दिशा देने का प्रयास करती आ रही है। कविता, निबंध लेखन के साथ अभिनय, हास्य व्यंग्य तथा मिमिक्री कलाओं से पहचान बनाने वाली कलाकार रेणू दूहन ने हरिभूमि संवाददाता से हुई बातचीत में कुछ ऐसे पहलुओं का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने समाज कल्याण और संस्कृति के संवर्धन में कलाकारों की अहम भूमिका निभाने का संदेश दिया है।
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हरियाणवी लोक कलाकार रेणू दूहन का जन्म 17 अक्टूबर 1995 को हिसार जिले के गांव पेटवाड़ में रमेश दूहन और श्रीमती वीना दूहन के घर में हुआ। जब वह पांच साल की थी, तो उनका परिवार जींद आकर रहने लगा। उनके घर में किसी प्रकार की साहित्य या सांस्कृतिक माहौल नहीं था। उनके पिता और भाई व्यापार करते हैं। जबकि उनका भाई पिछले नौ साल से दिल्ली में रहते हैं। परिवार में माता पिता ने तीन भाई बहनो में उसका भी एक लड़के की तरह पालन पोषण किया। किसी बात में या कुछ भी करने से पहले उसे कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह एक लड़की है। उनके परिवार में कभी किसी तरह का साहित्य या सांस्कृतिक माहौल नहीं रहा और वह अकेली ही लोक कला के क्षेत्र में काम करने लगी। उन्हें बचपन से ही लोक कला के क्षेत्र में एक्टिंग में अभिरुचि रही, लेकिन उनके परिवार वालों को उनका कला के क्षेत्र में भागीदारी करना अच्छा नहीं लगा। हालांकि उनकी माता उन्हें प्रोत्साहित करती रही और इसके बाद भाई ने भी उनका कला के क्षेत्र में उसका सहयोग करना शुरु कर दिया। बकौल रेणू दूहन, बचपन से ही उन्हें मंच का बहुत शौंक था कि वह मंच पर आए और कुछ सुनाए। स्कूली शिक्षा में हर शनिवार को होने वाली बाल सभा में होने वाले कार्यक्रम में उन्हें एंकर बनाया जाता था। उन्होंने कई बार कविता, निबंध लेखन, नाटक, नृत्य आदि में भागीदारी की। स्कूल समय में एक निबंध लेखन प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर उसे प्रथम स्थान मिला। जब वह कालेज में बीए कर रही थी तो उनकी कला को देखकर कई शिक्षिकाओं ने उन्हें इस दिशा में प्रोत्साहित करके मदद की। जब वह ग्रेजुएशन कर रही थी, तो रत्नावली फैस्टिवल में अपने कॉलेज से से वही जाती थी और अपनी लिखी कविता प्रतियोगिता भी होती थी। उसने भी कविता लिखने का मन बनाया और अपने चाचा की मदद से कविता लिखी, जो राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रही। इससे उनका लोक साहित्य के प्रति आत्मविश्वास बढ़ना स्वाभाविक था। इसी से प्रेरित होकर साल 2015 से उसने थोडा थोड़ा लिखना शुरु किया। इसके बाद से उसकी माता और परिजन भी खुश हुए और उसे प्रोत्साहित करना शुरु कर दिया। रेणू दूहन हास्य व्यंग्य और कविताएं भी लिखती हैं तो उनके इस हास्य में भी समाज के लिए कुछ न कुछ ऐसे संदेश छिपे होते हैं जो नशे की तरफ जाते आज के युवाओं को जागरुक करके उन्हें सही राहत दिखाने का काम कर सकते हैं। उनके लेखन, अभिनय या फिर हास्य व्यंग्य का फोकस समाज को सकारात्मक ऊर्जा देने की दिशा में ही रहा है, ताकि खासकर युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति की मूल जड़ो से जुड़ी रहे। इस आधुनिक युग में लोक कला और संस्कृति के सामने आ रही चुनौतियों को लेकर उनका कहना है कि यदि हम समाज के लिए अच्छा नहीं कर रहे या लिख रहे हैं तो हमारी लेखनी का कोई फायदा नहीं। उनका मानना है कि हमे अपने समाज के लिए अच्छा लिखना चाहिए, चाहे हम कोई वीडियो बना रहे हो या कोई नाटक कर रहे हों, वह ऐसा है जिसे एक बच्चा भी देख पाए ओर जवान व बुजुर्ग भी। हमारा कंटेंट ऐसा होना चाहिए जो हम एक नहीं, बल्कि पूरा परिवार एक साथ मिलकर देख सके। कई बार आज का युवा लोकप्रिय होने के लिए कुछ भी करने को तैयार है तो कि बहुत गलत है।
ऐसे मिली करियर को मंजिल
हास्य कलाकार रेणू दूहन ने बताया कि अभिनय के क्षेत्र में वह पहले से ही अभिरुचि रखती थी। उनकी पहली यूट्रयूब वीडियो बहन भाई का प्यार रक्षा बंधन को लेकर थी, जिसमें उसने बहन का किरदार निभाया। ऐसे वीडियो में वह लगातार बहन की ही भूमिका में अभिनय कर रही हैं। जैसे जैसे वह कुरुक्षेत्र के रत्नावली, नुक्कड नाटक आदि में हिस्सा लेती रही तो उनकी इस क्षेत्र में पहचान बनने लगी। जब उनका पहला स्टेंडअप कॉमेडी शो था, तो स्टेज एप ओटीटी के लिए तो वो मुझे जिंदगी में याद रहेगा। दरअसल गर्मी का समय में इस शो की शूटिंग में 16 घंटे लगे। हम लोग निरंतर शो में लगे रहे तो वह संभव हो पाया। सौभाग्य से यह शो उनके ही घर हुआ तो माता पिता भी प्रसन्न हुए। यह मेहनत रंग लाई और शो बहुत अच्छा गया। उनका जब वह शो रिलीज हुआ तो 3-4 दिन में ही उसे लाखों लोगों ने देखा। ऐसे में इससे बढ़कर खुशी का कोई ठिकाना नहीं हो सकता था, क्योंकि चौतरफा रेणू दूहन की लोकप्रिता बढ़ने से महसूस हुआ कि उनकी मेहनत रंग ले आई है। फिर बस चलते चले गये और इस कला को आगे बढ़ाने के लिए पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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आस्ट्रेलिया में किया प्रदर्शन
हास्य कलाकार एवं अभिनेत्री के रुप में रेणू दूहन ने साल 2019 में आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में भी अपनी कला का प्रदर्शन करके हरियाणवी संस्कृति की अलख जगाई है। वहीं उन्होंने जहां हरियाणवी फिल्म बहु काले में बहन का किरदार निभाया है। तो उन्होंने वेबसीरिज फिल्मों डिजिटल ताई, गौंरू ऑफ हंसीपुर के अलावा उन्होंने स्टेज एप पर करीब एक दर्शन स्टेंडअप कॉमेडी शो किये और वह पिछले छह साल से यूट्यूब चैनल पर काम कर रही हैं। पिछले पांच साल से वे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र में भी अपनी कला के रंग बिखेर रही हैं। थिएटर कार्यशाला के अलावा उन्होंने यूथ फेस्टिवल हिस्सेदारी करती रही हैं और कालेज में कार्यशाला आयोजित करके नई प्रतिभाओं को भी लोक कला व संस्कृति के प्रति उन्हें प्रशिक्षण देने का काम किया है।
पुरस्कार
रेणू दूहन को उनकी कला की विधाओं के लिए स्कूल व कालेज की शिक्षा के दौरान से ही कविता व चुटकले आदि लिखने और नुक्कड नाटक करने, रंगमंच के लिए राज्य स्तर पर दो बार चुटकलों के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अभिनय के क्षेत्र में रत्नावली फैस्टिवल में राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया। निबंध प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार और कविता लेखन में द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी हासिल किये हैं।
24Feb-2025