ओवलोडिंग पर पर पांच फीसदी छूट देने का निर्णय
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
देशभर
में सड़क हादसों का सबब बनती आ रही ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र
सरकार कमर कसे हुए है, लेकिन कार्मिशियल वाहनों के नियमों में ढ़ील देते
हुए ओवलोडिंग पर वसूली जाने वाली दस गुणा जुर्माने में राहत दी है। यानि अब
ट्रक में ओवरलोडिंग की तयसीमा में पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
दरअसल
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कार्मिशियल वाहनों यानि ओवरलोडिंग
ट्रकों पर शिकंजा कसते हुए जनवरी में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें
ओवरलोडिंग ट्रकों को टोल प्लाजा पर जाते ही या तो ट्रक के सामान को वहीं
उतारना पडेंगा और साथ में टोल टैक्स का दस गुणा जुर्माने के रूप में भुगतान
करने का भी प्रावधान किया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
के अनुसार ट्रांसपोर्टरों की मांग पर सरकार ने ओवरलोड ट्रकों पर लग रही 10
गुणा जुर्माने से कुछ राहत देते हुए उन माल वाहक वाहनों से पेनल्टी न लेने
की योजना को हरी झंडी दी है, जो माल के वजन की तय सीमा से पांच फीसदी से
ज्यादा ओवरलोड हों। इसके लिए अब एनएचएआई ने सर्कुलर जारी किया है। वहीं सड़क
मंत्रालय ने सभी राज्यों और यूनियन टेरेटरी के प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट को
पत्र लिख कर इस राहत से अवगत करा दिया है। मंत्रालय के अनुसार ओवरलोडिंग
पर यह छूट मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 113 के सब-सेक्शन(3) के अंतर्गत दी
गई है। यह वाहन के ग्रॉस व्हीकल वेट पर मान्य होगा। मसलन ट्रांसपोर्टरों की
मांग पर मोदी सरकार की नई नीति के तहत व्हीकल के कुल लोड का पांच फीसदी
अधिक होने पर उसे ओवरलोड नहीं माना जाएगा। सरकार ने पहले इस राहत को रोड सेफ्टी बिल में देने की योजना बनाई थी, लेकिन यह विधेयक संसद में लंबित है,
जिसमें इस नियम को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि यूपीए-2 सरकार ने भी
ओवरलोडिंग रोकने के लिए टोल प्लाजाओं पर ट्रकों के लोड़ की जांच करने और
जुर्माना वसूल करने के निर्देश दिये थे, लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं हो
सका।



























