ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री
मोदी के देश में वंचित सभी गांवों में हर घर को चौबीस घंटे बिजली की चमक
से रोशन करने के लक्ष्य को हासिल करने की कवायद में कई योजनाएं शुरू की गई
हैं। केंद्र सरकार ने ऐसे वंचित सभी गांवों जल्द से जल्द दीनदयाल उपाध्याय
ग्रामीण ज्योति योजना के तहत मिशन के जरिए रोशन करने की तैयारी शुरू की है।
देश में ऊर्जा संकट से निपटने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजादी के 68 वर्षों के बाद तथा 21वीं सदी के 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद आधुनिक भारत के 18 हजार गांवों में अभी तक बिजली न होने पर दुख व्यक्त कर चुके हैं, जिनका सपना है कि कम से कम वर्ष 2022 तक देश के हर गांव में हर दिन चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराई जाए। मोदी के इस लक्ष्य को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की दिशा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए विद्युतीकरण से बचे शेष सभी गांवों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत मिशन पर वर्ष 2017 तक ही पूरा करने की कवायद को तेज कर दिया है। विद्युत मंत्रालय के अनुसार इसके लिए हाल ही में पीयूष गोयल ने सभी राज्यों में केंद्र शासित प्रदशों के साथ सर्वसम्मति सभी वंचित सभी गांवों में विद्युतीकरण सुनिश्चित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। यही नहीं केंद्र सरकार ने राज्यों को इस बात के लिए भी तैयार कर लिया है कि देश में वर्ष 2019 तक या उससे पहले 24 घंटे बिजली सुलभ कराने के लिए योजना निर्माण से संबंधित गतिविधियों को मिशन मोड के जरिए पूरा किया जाए।
देश में ऊर्जा संकट से निपटने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजादी के 68 वर्षों के बाद तथा 21वीं सदी के 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद आधुनिक भारत के 18 हजार गांवों में अभी तक बिजली न होने पर दुख व्यक्त कर चुके हैं, जिनका सपना है कि कम से कम वर्ष 2022 तक देश के हर गांव में हर दिन चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराई जाए। मोदी के इस लक्ष्य को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की दिशा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए विद्युतीकरण से बचे शेष सभी गांवों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत मिशन पर वर्ष 2017 तक ही पूरा करने की कवायद को तेज कर दिया है। विद्युत मंत्रालय के अनुसार इसके लिए हाल ही में पीयूष गोयल ने सभी राज्यों में केंद्र शासित प्रदशों के साथ सर्वसम्मति सभी वंचित सभी गांवों में विद्युतीकरण सुनिश्चित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। यही नहीं केंद्र सरकार ने राज्यों को इस बात के लिए भी तैयार कर लिया है कि देश में वर्ष 2019 तक या उससे पहले 24 घंटे बिजली सुलभ कराने के लिए योजना निर्माण से संबंधित गतिविधियों को मिशन मोड के जरिए पूरा किया जाए।










