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शुक्रवार, 6 नवंबर 2015

मोदी ने एनसीआर को दिया तीन सड़क परियोजनाओं का तोहफ़ा!

हरियाणा को दीवाली से पहले मिली बड़ी सौगात
सड़क परियोजनाओं पर 13802 करोड़ की लागत का अनुमान
ओ.पी. पाल. सोनीपत।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनीपत जिला के राजीव गांधी एजुकेशन सिटी कुंडली में 13 हजार 802 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनाए जाने वाली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तीन बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिसमें 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे तथा 126 किमी लंबे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के अलावा सोनीपत से पानीपत तक 70 किमी लंबे चार लेन को आठ लेन की परियोजना शामिल है।
सोनीपत के राजीव गांधी एजुकेशन सिटी कुंडली में गुरुवार को आयोजित एक समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास करने से पहले इस मेगा परियोजना के बनाए गये मॉडल का अवलोकन किया, जिसके बाद मंच से कंप्यूटर का बटन दबाकर तीनों सड़क परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास करने की औपचारिकता पूरी की। इससे पूर्व हरियाणा को दी गई इन तीन सड़क परियोजनाओं पर बोलते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सडक इंफ्रास्ट्रक्चर की देश में बड़ी परियोजनाएं तैयार की है। देश में पांच लाख किलोमीटर लंबाई का रोड नेटवर्क है, जिसमें डेढ़ लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का है। दिसंबर 2015 तक 96 हजार किलोमीटर तक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें हरियाणा की सड़क परियोजनाओं से हरियाणा के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने एक साल में हरियाणा में करीब 32 हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनमें 13820 करोड़ की इन परियोजनाओं की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधारशिला रख रहे हैं।
देश की पहली एक्सस कंट्रोल एक्सप्रैस-वे परियोजना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 7558 करोड़ रुपये की 135 किमी लंबी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे तथा अरसे से अधूरी पड़ी 136 किमी लंबी वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे को पूरा करने के लिए 4115 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। दिल्ली को अपने आगोश में लेने वाली ये दोनों परियोजना देश की पहली एक्सस कंट्रोल एक्सप्रैस-वे परियोजना है, जिसे हरियाणा से शुरू किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से दिल्ली का 50 प्रतिशत यातायात भार कम हो सके और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सोनीपत से पानी तक चार लेन वाले 70 किमी राजमार्ग को आठ लेन के लिए 2129 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। ये तीनों योजनाएं हरियाणा के विकास के साथ रोजगार को भी आगे बढ़ाएगी। नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार की सड़क परियोजनाओं में इसी माह दिल्ली में आईटीओ चौक से मेरठ तक 14 लेने का एक्सप्रेस-वे इसी माह शुरू कर दिया जाएगा। यह भी देश की आजादी के बाद पहली ऐसी नई परियोजना है जो पहली बार किसी सड़क मार्ग को 14 लेन में बनाया जा रहा है। यही नहीं दिल्ली से कटरा तक देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे की परियोजना रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है, जो दिल्ली से जींद-लुधियाना-अमृतसर-कटरा तक जाएगी, जिसमें पंजाब, हरियाणा व जम्मू कश्मीर राज्यों से सहयोग मांगा गया है।

सोमवार, 21 सितंबर 2015

किसानों की पगड़ियों पर चला वर्चस्व का खेल!

कांग्रेस सम्मान रैली में हावी रही हरियाणा की गुटबाजी
हुड्डा व तंवर समर्थकों में खुलकर चले पानी की थैली
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
किसान सम्मान रैली में भले ही कांग्रेस मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक को रोकने का जश्न मनाकर अपने हाथ और किसान के हल की एकजुटता का प्रदर्शन कर रही हो, लेकिन इस मौके पर हरियाणा में कांग्रेस की गुटबाजी में बंटे कांग्रेस दिग्गजों ने किसानो, मजदूरों और समर्थकों के गुटों का भी अलग-अलग प्रदर्शन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
दरअसल मोदी सरकार के नए भूमि अधिग्रहण विधेयक को संसद में पारित होने से रोकने को कांग्रेस अपनी बड़ी जीत मानकर चल रही है। इसी जीत का जश्न मनाने के लिए रविवार को यहां ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर कांग्रेस ने किसान सम्मान रैली आयोजित की। इस रैली की तैयारी में हरियाणा के कांग्रेस दिग्गज भी हाईकमान के सामने अपनी अपनी ताकत दिखाने के लिए रैली में भीड़ जुटाने के लिए तैयारियों में लगे हुए थे। अमूमन हरियाणा में कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के गुटों में बंटी मानी जाती है। हरियाणा कांग्रेस की यह गुटबाजी कांग्रेस और किसानों की एकजुटता के लिए बुलाई गई रैली में साफतौर से नजर आई। इस रैली में हरियाणा के पूर्व मंख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के समर्थक गुलाबी पगड़ी पहनकर आये, तो अशोक तंवर के समर्थकों ने लाल पगड़ी पहन रखी थी। हालांकि रैली में उमड़ी किसानों की भीड़ में टोपी और खास किस्म का साफा डाले नजर आ रहे थे।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2015

हरियाणा-यूपी को जोडेगा बाहरी एक्सप्रेस-वे

जुड़ेंगे हरियाणा व यूपी के 98 गांव!
सरकार ने दी छह लेन के हाइवे निर्माण को मंजूरी
दिल्ली में थमेगी भारी वाहनों की रेलमपेल
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने दिल्ली जैसे महानगर की यातायात समस्या का सामना किये बिना हरियाणा के पलवल व फरीदाबाद से सीधे सोनीपत के सफर की राह को आसान बनाने के लिए कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने फरीदाबाद और पलवल से सीधे सोनीपत के लिए छह लेन वाले प्रस्तावित छह लेने वाले पूर्वी बाह्य परिधि एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग संख्या एनई-2 के रूप में हरियाणा व उत्तर प्रदेश के 98 गांवों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे के लिए 7558 करोड़ रुपये की लागत तय की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने इस प्रस्ताव की मंजूरी देकर पिछले अरसे से चली आ रही ऐसी मांग को हरी झंडी दे दी है। इस छह लेन के एक्सपे्रस-वे के निर्माण के बाद हरियाणा में फरीदाबाद व पलवल से सोनीपत जाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की यातायात और प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगी और समय भी बचेगा। 135 किमी लंबे इस पूर्वी बाह्य परिधि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 7558 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसमें 1795.20 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनरूद्धार के अलावा अन्य पूर्व निर्माण गतिविधियों पर खर्च करने के लिए शामिल है। यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कई सालों से लंबित पड़ा हुआ था। सरकार की इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना का मुख्य मकसद हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी लाना है। यह सड़क दिल्ली के आसपास बाहरी परिधि में बनाई जाएगी, ताकि जिन गाड़ियों को दिल्ली में नहीं ठहरना है वह शहर के बीच से नहीं गुजरें। इस विस्तार से राज्य के संबद्ध क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी और परियोजना गतिविधियों के लिए स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

सोमवार, 29 जून 2015

लिंगानुपात सुधारने में सबक ले हरियाणा!

राजस्थान की पंचायतों से हुई सुधार की पहल
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश में खासकर हरियाणा के घटते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए हरियाणावासियों को नसीहत भी दी है। विशेषज्ञों की माने तो हरियाणा को लिंगानुपात में बदलाव के लिए राजस्थान की पंचायतों द्वारा पेश की गई मिसाल से सबक लेने की जरूरत है।
दरअसल देश में हरियाणा की तस्वीर आज खेती, शिक्षा,औद्योगिक विकास और आर्थिक रूप से संपन्न समाज जैसे मुद्दों के एक प्रगतिशील, विकसित राज्य के रूप में होती है, लेकिन लड़कियां इस सूबे में शायद बोझ मानी जाती है। राज्य की दूसरी तस्वीर वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ो लिंगानुपान के मामले में सबसे फिसड्डी राज्य के रूप में पेश की थी। मसलन 2011 की जनगणना के समय देश में सबसे कम लिंगानुपात वाले हरियाणा के दस जिलों को चिन्हित किया गया। सूबे में 1000 पुरुषों की तुलना में 879 महिलाओं का अनुपात निराशाजनक आंकड़ा सामने था, जिसमें सबसे बदतर स्थिति झज्जर जिले की थी, जहां 2001 के लिंगानुपात 801 की तुलना में 2011 की जनगणना में घटकर 774 रह गयी थी। इसी तरह रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व फरीदाबाद भी इस फेहरिस्त में शािमल रहे। शायद यही कारण था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 12 जून को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरूआत हरियाणा के पानीपत से की थी। हालांकि इस आंकड़े में सरकार की ओर से सुधार के दावे किये जा रहे हैं, लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक यह हकीकत भी छुपाई नहीं जा सकती कि वर्ष 2014 में महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, भिवानी, सोनीपत, गुड़गांव, रोहतक, पलवल, फतेहाबाद, कैथल कुछ ऐसे जिले हैं, जहां सैकड़ों गांवों में वर्ष 2014 में एक भी बेटी ने जन्म नहीं लिया है। शायद यही कारण था कि रविवार को मन की बात में देश के 100 जिलों में घटते लिंगानुपात पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खासकर हरियाणा का जिक्र करना पड़ा।