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गुरुवार, 22 अक्टूबर 2015

तीन माह में शुरु होगा मेडिकल कालेज!

ओपीडी की शुरूआत, बदायूं जिला व रूहेलखंड को मिलेगा लाभ
ओ.पी. पाल. बदायूं (उ.प्र.)।
उत्तर प्रदेश के बदायूं व उसके आसपास के जिलों समेत रूहेलखंड की जनता को अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और न ही उच्च स्तरीय इलाज के लिए अपनी जमीने बेचनी पड़ेंगी। इस समस्या को यूपी सरकार ने बदांयू में बनाए जा रहे राजकीय मेडिकल कालेज में ही इस इलाके की जनता के बेहतर स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मेडिकल कालेज की ओपीडी शुरू हो गई है।
राजकीय मेडिकल कालेज में ओपीडी का शुभारम्भ के बाद आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में बदायूं का नाम देश के नक्शे पर होगा, जहां देशभर के विभिन्न इलाकों के छात्र यहां मेडिकल की शिक्षा हासिल करेंगे। वहीं इस मेडिकल कालेज में सभी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने के कारण इस इलाके के लोगों को अन्य जगहों पर न तो भटकना पड़ेगा और न ही यहां की जनता को इलाज के लिए गरीब लोगों को किसी से कर्ज लेने की जरूरत पड़ेगी। जिले के 224 किसानों ने मेडिकल कालेज को स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराकर न सिर्फ पुण्य का कार्य किया है बल्कि जब तक यहां स्वास्थ्य सेवाओं से अवाम लाभान्वित होती रहेगी, जमीन देने वाले किसानों को भी याद किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जमीन देने वाले किसानों के एहसान को भुलाया नहीं जा सकता, जिनकी आजीविका के लिए सरकार के स्तर पर भी ठोस कदम अवश्य उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबों, किसानों, मजदूरों तथा महिलाओं के लिए विभिन्न शासकीय योजनाएं चलाकर लाभान्वित किया है। सांसद ने कहा कि सूखे, अतिवृष्टि को ध्यान में रखते हुए साढ़े सात हजार करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव ने 46.85 करोड़ की लागत वाले इस मेडिकल कालेज का शिलान्यास किया था, जिसके बाद तेजी के साथ निर्माण कार्य जारी है और ओपीडी शुरू करके स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2015

हरियाणा-यूपी को जोडेगा बाहरी एक्सप्रेस-वे

जुड़ेंगे हरियाणा व यूपी के 98 गांव!
सरकार ने दी छह लेन के हाइवे निर्माण को मंजूरी
दिल्ली में थमेगी भारी वाहनों की रेलमपेल
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने दिल्ली जैसे महानगर की यातायात समस्या का सामना किये बिना हरियाणा के पलवल व फरीदाबाद से सीधे सोनीपत के सफर की राह को आसान बनाने के लिए कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने फरीदाबाद और पलवल से सीधे सोनीपत के लिए छह लेन वाले प्रस्तावित छह लेने वाले पूर्वी बाह्य परिधि एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग संख्या एनई-2 के रूप में हरियाणा व उत्तर प्रदेश के 98 गांवों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे के लिए 7558 करोड़ रुपये की लागत तय की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने इस प्रस्ताव की मंजूरी देकर पिछले अरसे से चली आ रही ऐसी मांग को हरी झंडी दे दी है। इस छह लेन के एक्सपे्रस-वे के निर्माण के बाद हरियाणा में फरीदाबाद व पलवल से सोनीपत जाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की यातायात और प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगी और समय भी बचेगा। 135 किमी लंबे इस पूर्वी बाह्य परिधि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 7558 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसमें 1795.20 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनरूद्धार के अलावा अन्य पूर्व निर्माण गतिविधियों पर खर्च करने के लिए शामिल है। यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कई सालों से लंबित पड़ा हुआ था। सरकार की इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना का मुख्य मकसद हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी लाना है। यह सड़क दिल्ली के आसपास बाहरी परिधि में बनाई जाएगी, ताकि जिन गाड़ियों को दिल्ली में नहीं ठहरना है वह शहर के बीच से नहीं गुजरें। इस विस्तार से राज्य के संबद्ध क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी और परियोजना गतिविधियों के लिए स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।