"सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक" लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
"सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक" लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

दिल्ली में वाहनों की भीड़ घटाने की तैयारी!

जल्द पूरी होगी सड़क परियोजनाओं के टेंडर प्रक्रिया 
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
दिल्ली में वाहनों के बोझ को कम करने के लिए सरकार की ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होते ही दिल्ली में घुसे बिना वाहन यूपी से हरियाणा और अन्य रास्तों पर जा सकेंगे। इसी एक अन्य परियोजना में दिल्ली से मेरठ तक बनाए जा रहे एक्सप्रेस वे के टेंडर जारी कर दिये गये हैं।
केंद्र सरकार ने अगले छह महीनो में राष्ट्रीय राजमार्ग के नेटवर्क में करीब 50 हजार किलोमीटर सड़क का इजाफा करने का लक्ष्य रखा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का दावा है कि यूपीए के दस साल के कार्यकाल में कुल करीब 18 हजार किमी राजमार्ग का निर्माण हुआ है, जबकि राजग सरकार ने 15 सितंबर के बाद अभी तक करीब 7.5 हजार किमी राजमार्ग का निर्माण पूरा किया है, जो सरकार की सड़क निर्माण में तेजी दर्शाता है। ऐसी ही परियोजना में दिल्ली के बाहर हरियाणा से होते हुए यूपी को जोड़ते हुए हरियाणा के सोनीपत तक बनने वाले 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य भी जल्दी शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए इसी महीने टेंडर जारी करने की योजना है। मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही 7558 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दी थी। इसी प्रकार दिल्ली से गाजियाबाद के रास्ते हापुड़ और मेरठ के सफर को आसान बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया ने निजामुद्दीन पुल से लेकर डासना तक एनएच-24 की 28 किमी. सड़क को 14 लेन का बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जिसका विस्तार पिछले सात साल से अधर में लटका हुआ था। इसके अलावा डासना से हापुड़ के बीच 22 किमी. सड़क को छह लेन करने के लिए भी टेंडर इसी महीने जारी किये जाने हैं।

मंगलवार, 7 जुलाई 2015

फर्जी लाइसेंस और शराबी ड्राइवरों की खैर नहीं!

सड़क हादसों पर गंभीर सरकार
नए मोटर वाहन कानून से सुधरेगी परिवहन व्यवस्था
मानसून सत्र में पारित बिल पास कराने की तैयारी
ओ.पी. पाल
. नई दिल्ली।
देश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार गंभीर है। सरकार मानती है कि देश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों को सख्त बनाने की जरूरत है, जिसमें फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारकों व शराब पीकर वाहन चलाने वालों की शामत आना तय है। सरकार संसद के मानसून सत्र में इस सख्त प्रावधान वाले नए सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक को पास कराने की तैयारी में है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार पुराने मोटर वाहन कानून का स्थान पर मोटर वाहन व सड़क सुरक्षा व नियमन के प्रावधानों को मिलाकर एक करते हुए एक विधेयक तैयार किया है, जिसमें सख्त जुर्माने व सजा के प्रावधान को लेकर केंद्र सरकार राज्यों के साथ भी समन्वय स्थापित कर रही है। इस संबन्ध में सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिये कि हर संभव इस नए सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक को सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में पारित कराने का प्रयास करेगी। गडकरी का कहना है कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्यों की उन आशंकाओं को भी दूर करने के लिए राज्यो के साथ समन्वय बना रही है कि नए विधेयक से राज्यों प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों का अतिक्रमण होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे संघीय ढांचे पर प्रभाव पड़ेगा। गडकरी ने कहा एक बार कानून के बाद इस क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव के अलावा पारदर्शिता भी आएगी और अपराधों पर रोक लगेगी। गडकरी ने माना कि देश में हर साल 5 लाख सड़क दुर्घटनाओं में अपंग होते हैं जबकि 1.5 लाख लोगों की जान जाती है।