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शनिवार, 16 जनवरी 2016

सड़क परियोजनाओं में ऐसे लाई जाएगी पादर्शिता!

सरकार जल्द शुरू करेगी इंफ्राकॉन और ईपेस पोर्टल
ओ.पी. पाल.
नई दिल्ली।
केंद्र सरकार सड़कों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उसके टिकाऊपन को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहरा रही है। केंद्र सरकार ने देशभर में चल रही तमाम सड़क परियोजनाओं में ऐसी पारदर्शिता को बनाये रखने की दिशा में इंफ्राकॉन और ईपेस नामक दो पोर्टल शुरू करने का फैसला किया है, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का इसरो और नेक्टार से करार भी सड़क परियोजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए निगरानी के तहत किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे को विकसित करने वाले अभियान में और भी अधिक पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करने के लिए दो पोर्टल ‘इंफ्राकॉन’ और ‘ईपेस’ जल्द ही शुरू करेगी। इस कवायद में राष्टÑीय राजमार्ग परियोजनओं के संबन्ध में सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इंफ्राकॉन में व्यक्तिगत सलाहकारों और परामर्श सेवा फर्मों के बारे में सभी सूचनाएं होंगी, वहीं ईपेस से लोगों को राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति, फंडिंग और अन्य ब्योरे के बारे में जानने में मदद मिलेगी। मसलन आम जनता भी इन पोर्टल के जरिए सड़क परियोजनाओं के बारे में सभी तरह की जानकारी हासिल कर सकेगी।
भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉपोर्रेशन याकन एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक आनंद कुमार ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निदेर्शों के मुताबिक भ्रष्टाचार समाप्त करन एवं पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए इन पोर्टलों को डिजाइन किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई एवं एनएचआईडीसीएल के तहत राजमार्गों के बारे में इंफ्राकॉन और ईपेस सूचना उपलब्ध कराएंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई एवं एनएचआईडीसीएल के तहत राजमार्गों के बारे में इंफ्राकॉन और ईपेस सूचना उपलब्ध कराएंगे। उनका कहना है कि सड़क परियोजनाओं की पारदर्शिता के लिए इंफ्राकॉन पोर्टल देश में ढांचागत क्षेत्र के सलाहकारों के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा, जहां व्यक्तिगत सलाहकार एवं कंसलटैंट सर्विस देने वाली कंपनियों को अपना पंजीकरण कराने की सुविधा होगी। इस पंजीकरण में ऐसी कंपनियों की विश्वसनीयता वहां उपलब्ध कराई जाएगी और आम नागरिक इस बारे में जानकारी रख सकेंगे।