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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

बिहार चुनाव-सभी दलों ने लगाया दागियों पर दावं

बिहार विधानसभा चुनाव: तीसरा चरण
छह जिलों की 50 सीटो पर कल होगा मतदान
ओ.पी. पाल.
नई दिल्ली।
बिहार विधानसभा की 50 सीटों के लिए 28 अक्टूबर को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव में जिन 808 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, उनमें 215 यानि 27 प्रतिशत प्रत्याशियों पर आपराधिक दाग है। जबकि 458 यानि 57 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पतियों की फेहरिस्त में शामिल है।
देश में चुनाव सुधार का समर्थन करते हुए भले ही सभी राजनीतिक दल राजनीति के आपराधीकरण को खत्म करने की दुहाई देते आ रहे हों, लेकिन उसके विपरीत कोई भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं है जो चुनाव में आपराधियों को गले न लगाता हो। मसलन एसोसिएशन फॉर डेमोके्रटिक रिफार्म्स यानि एडीआर द्वारा बिहार में तीसरे चरण में 50 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने सियासी मैदान में उतरे 808 उम्मीदवारों की खंगाली गई पृष्ठभूमि में जो खुलासा किया गया है उसके अनुसार इस चरण में 215 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके खिलाफ अदालतों में आपराधिक मामले लंबित हैं, इनमें 162 यानि 20 प्रतिशत उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जिनके खिलाफ हत्या, डकैती, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर मामले चल रहे हैं। इनमें 31 प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं, जिनमें कुम्हरार सीट से निर्दलीय प्रत्याशी अजय कुमार के खिलाफ आठ मामले हैं। जबकि दीघा सीट से समरस समाज पार्टी के प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह के खिलाफ सात हत्या के मामले लंबित हैं। तीसरे पायदान पर दुमराव सीट से बसपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार और मोकामा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी अनंत कुमार सिंह के खिलाफ पांच-पांच हत्या के मामले लंबित हैं। हत्या के आरोपी वाले मामले के अन्य प्रत्याशियों में भाजपा के पांच, सीपीआईएम के तीन, जदयू, राजद,सीपीआई के दो प्रत्याशी, सपा व शिवसेना के एक-एक प्रत्याशी पर हत्या के मामले दर्ज हैं। इसी प्रकार हत्या के प्रयास करने वाले 57 प्रत्याशी लिप्त रहे, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध में 12, डकैती व लूट में 13 प्रत्याशियों के खिलाफ मुकदमे लंबित हैं। 13 प्रत्याशियों के खिलाफ अपहरण तथा चार के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का भी आरोप है।

गुरुवार, 10 सितंबर 2015

बिहार में बजी चुनावी रणभेरी!

पांच चरणों में होंगे विधानसभा के चुनाव, आठ नवंबर को नतीजे
पांच चरणों में नई व्यवस्था के दायरे में होंगे चुनाव
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
आखिरकार बिहार में विधानसभा के चुनाव की रणभेरी बज ही गई। चुनाव आयोग ने बिहार में पांच चरणों में चुनाव कराने और दीवाली से पहले चुनावी नतीजे देने का ऐलान कर दिया है। मसलन पहले चरण में 12 अक्टूबर, दूसरे चरण में 16 अक्टूबर, तीसरे चरण में 28 अक्टूबर, चौथे चरण में एक नवंबर तथा पांचवे और अंतिम चरण में पांच नवंबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि आठ नवंबर को सभी चरणों के मतदान की गिनती होते ही नतीजे सामने आ जाएंगे।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने बुधवार को बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराने की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त डा. नसीम जैदी ने चुनावों का ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के मद्देनजर पांच चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया गया है। चुनाव के ऐलान के साथ ही चुनाव तारीख की घोषणा के साथ बिहार में आचार संहिता लागू हो गई है। पहले चरण में पहले चरण में आठ जिलों की 49 सीटों, दूसरे चरण में छह जिलों की 32 सीटों, तीसरे चरण में छह जिलों की 50 सीटों, चौथे चरण में सात जिलों की 55 सीटों और पांचवें व अंतिम चरण में नौ जिलों की 57 सीटों पर मतदान होगा। जैदी ने कहा कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए सभी पांचों चरणों के चुनाव में डाले गये वोटों की गिनती आठ नवंबर को कराई जाएगी यानि दीपावली से पहले बिहार में चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे। जैदी ने बताया कि वोटिंग के पहले चरण से लेकर आखिरी चरण के मतदान के आधे घंटे बाद तक एक्जिट पोल की इजाजत नहीं होगी।
बैलेट पेपर होगा प्रत्याशी का फोटो 
मुख्य चुनाव आयुक्त डा. जैदी ने बताया कि चुनाव में किसी गड़बड़ी की संभावना को खत्म करने के लिए चुनाव आयोग ने पहली बार बिहार में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (बैलेट पेपर) पर प्रत्याशी का फोटों भी नजर आएगा। अभी तक प्रत्याशी का नाम व चुनाव चिन्ह ही अंकित होता था। इस प्रकार के दिशा निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भी जारी किये थे। चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव सुधार की दिशा में नई व्यवस्था को लागू किया है, जहां चुनावी इतिहास में पहली बार कई नई व्यवस्था लागू की जा रही हैं। आयोग ने बाहुबल और धनबल की प्रथा को खत्म करने की दिशा में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने पर बल दिया है। जहां राज्य में सभी लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने के निर्देश दिये गये हैं, वहीं चुनाव के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर खासकर नक्सल प्रभावित इलाकों और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खास नजर रहेगी और ऐहतियातन सभी मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी की जाएगी। इस दिशा में हर स्थिति पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बलों को हैलीकाप्टरों, मोटर बोट, घुड़सवार, मोटर साइकिल और अन्य वाहनों के सतर्क रहने की व्यवस्था रहेगीे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली अपनाई जाएगी। मतदाताओं को धमकाने या लालच देने वालों पर नजर रखने के लिए नौ एजेंसियां तैनात रहेंगी। बिहार चुनावों में सिंगल विंडो सिस्टम चालू किया गया है, ताकि चुनाव प्रचार के दौरान 36 घंटे के अंदर इजाजत दी जा सके। चार जिले के 36 विधानसभाओं में नया आॅडिट सिस्टम लागू किया जाएगा।