शुक्रवार, 29 मई 2026

केंद्र की हाई-स्पीड दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे की मंजूरी, हरियाणा के 5 शहरों की बदलेगी तस्वीर

सड़क परिवहन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने की जारी की अधिसूचना 
BY-ओ.पी. पाल 
नई दिल्ली। उत्तर भारत में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम देते हुए केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी 'दिल्ली-कटरा हाई-स्पीड कॉरिडोर' (एनई-5) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महापरियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच आपसी संपर्क अभूतपूर्व रूप से मजबूत होगा, बल्कि हरियाणा के पांच प्रमुख शहरों के विकास की रफ्तार को भी नई उड़ान मिलेगी।  

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत अंतिम अधिसूचना जारी कर इस मेगा प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा बना लिया है। इस कदम के बाद अब जमीन अधिग्रहण, सटीक रूट मैपिंग और टेंडरिंग जैसी विकासात्मक प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी।  

कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा रूट 
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे देश की राजधानी दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के समीप एनएच-344एम से शुरू होगा। इसके बाद यह जसौर खेरी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे से इंटरकनेक्ट होगा। यहां से आगे बढ़ते हुए यह हरियाणा और पंजाब के एक बड़े औद्योगिक और कृषि बेल्ट को चीरते हुए सीधे जम्मू-कश्मीर के पवित्र स्थल कटरा तक पहुंचेगा। 

हरियाणा और पंजाब के इन इलाकों से होकर गुजरेगा नया हाईवे 
यह एक्सप्रेसवे जिन राज्यों से गुजरेगा, वहां के आर्थिक भूगोल को पूरी तरह बदल कर रख देगा। 
हरियाणा का रूट: सूबे में यह मार्ग सोनीपत के खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे रणनीतिक और उभरते हुए कस्बों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट और उद्योगों की बाढ़ आने की उम्मीद है। 
पंजाब का रूट: पंजाब में यह कॉरिडोर गुलजारपुर, पातड़ां, भवानीगढ़, धूरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, करतारपुर और गुरदासपुर बाईपास जैसे प्रमुख कृषि और व्यापारिक केंद्रों को आपस में कनेक्ट करेगा। 
अंतिम पड़ाव: पंजाब को पार करने के बाद यह सीधे जम्मू के कटरा के पास एनएच-144 (NH-144) में जाकर विलीन हो जाएगा।

वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए लाइफलाइन केंद्र सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली से कटरा तक की यात्रा बेहद सुरक्षित, सुगम और तेज गति वाली हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा आध्यात्मिक और आर्थिक लाभ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जाने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिन्हें अब थकाऊ और घुमावदार रास्तों से मुक्ति मिल जाएगी। 

6 घंटे तक घट जाएगा यात्रा का समय 
वर्तमान में हरियाणा या दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा जम्मू या कटरा पहुंचने में करीब 10 से 14 घंटे का लंबा समय लग जाता है। लेकिन दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे (एनई-5) के पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद इस समय में 4 से 6 घंटे तक की भारी कमी आने का अनुमान है। यानी अब आधे समय में ही लोग अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।  
 
उत्तर भारत के लिए एक गेम-चेंजर  आर्थिक और रणनीतिक कॉरिडोर साबित होगी। सुपरफास्ट कनेक्टिविटी के चलते छोटे शहरों में बड़े कॉर्पोरेट निवेश आने, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विकसित होने के रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, इसके निर्माण चरण के दौरान ही स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के बंपर अवसर पैदा होंगे। 
-29May-2026

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