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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015

आखिर नियमों व मानकों के शिकंजे में आए वाहन!

हरियाणा समेत सात राज्यों में लागू होगा बीएस-4 मानक
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
देश में दौड़ते वाहनों के प्रदूषण पर लगाम लगाने की चली आ रही कवायद में कल यानि एक अक्टूबर से केंद्र सरकार द्वारा संशोधित किये गये मोटर वाहन नियमों को लागू किया जा रहा है। मसलन नियमों का सहारा लेकर सरकार ने वायु प्रदूषण के साथ सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दो पर स्पीड गवर्नर प्रणाली को भी लागू कर दिया है।
देश में बढ़ती प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए गंभीर हुई केंद्र सरकार ने एक अक्टूबर से सबसे पहले वाहनों में इस्तेमाल किये जा रहे र्इंधन के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की शुरूआत की है। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त में ही हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा लेह व कारगिल को छोड़कर समूचे जम्मू-कश्मीर में एक अक्टूबर से बीएस-4 मानक लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी थी। इस अधिसूचना के मुताबिक इन सात राज्यों के 23 जिलों में एक अक्टूबर से बीएस-4 मानकों वाले वाहनों का ही पंजीकरण होगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई इस पहल के तहत इन राज्यों में उन चार पहिया वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर कल से रोक लग जाएगी, जो भारत स्टेज यानि बीएस-4 उत्सर्जन मानक पर खरे नहीं उतरते। मंत्रालय के अनुसार एक अक्टूबर से इन सभी जिलों में पेट्रोल पंपों पर यूरो-4 यानि बीएस-4 मानक के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हालांकि यूरो-4 या भारत-4 मानक के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे 26 शहरों में पहले से शुरू कराई जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक देश में एक दर्जन से अधिक राज्यों के 50 से ज्यादा प्रमुख शहरों में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण के लिए यूरो-4 यानि बीएस-4 मानक के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाए।

शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

वैकल्पिक र्इंधन को बढ़ावा देगी सरकार!

वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने की योजना
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने की दिशा में वैकल्पिक र्इंधन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर काम कर रही है। देश में वाहनों के उपयोग के लिए बायो-डीजल और एथनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने खाका तैयार किया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार ने देश में वाहन निर्माताओं को भी वाहन का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों को लागू करने के दिशा निर्देश भी जारी किये गये हैं। सरकार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों के जरिए सभी हितधारकों को संदेश दे रही है। ऐसे ही यहां आयोजित ‘परिवहन के लिए ग्रीन फ्यूल वाहन’ सम्मेलन में भी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में ग्रीन र्इंधन के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक वाहन र्इंधन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाओं का खाका भी तैयार कर लिया है। सरकार ने बायो-डीजल, एथनॉल और एथनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। गडकरी के अनुसार वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में सरकार का अनुसंधान और आर्थिक व्यवहार्यता के साथ लागत में कमी लाने पर भी जोर रहेगा। गौरतलब है कि सरकार ने पहले ही यूरो-4 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले निम्न स्तर के सल्फर युक्त पेट्रोल व डीजल की बिक्री को देश के प्रमुख शहरों में शुरू करा दिया है और इसके लिए अधिसूचना भी जारी की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक देश में एक दर्जन से अधिक राज्यों के 50 से ज्यादा प्रमुख शहरों में सरकार प्रमुख शहरों में वाहनों के प्रदूषण में कमी लाने के लिए यूरो-4 मानक के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हालांकि यूरो-4 या भारत-4 मानक के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे 26 शहरों में शुरू भी करा दी गई है।