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सोमवार, 25 जनवरी 2016

इजरायल की तर्ज पर हाईटेक होगी भारत-पाक सीमा!

सीमा से घुसपैठ रोकने को बहुस्तरीय योजना
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार भारत-पाक सीमा से हो रही आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तरह से गंभीर है और इसके लिए बहुस्तरीय योजना पर काम शुरू करा दिया है। इसमें जहां बाडबंदी, हाईमास्क लाईट और लेजर वॉल के साथ सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं, वहीं सरकार ने इजरायल की तर्ज पर सीमाओं को ज्यादा सुरक्षित बाड़ लगाने मजबूत सीमाबंदी करने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से लगी भारतीय सीमा पर आतंकवादियों और अन्य विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए होने वाली घुसपैठ पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए बहुस्तरीय योजना का खाका तैयार किया है। गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि सीमापार से होने वाली घुसपैठ की किसी भी प्रकार की संभावना को खत्म करने की दिशा में इजरायल की तर्ज पर भारत-पाक सीमा को अत्यधिक सुरक्षित बाडबंदी करके हाईटेक करने की योजना बनाई जा रही है। खासकर पंजाब और जम्मू में संवेदनशील सीमाओं पर ऐसे ऐसे हाईटेक अवरोधक लगाना जरूरी माना जा रहा है, जहां से आंतकी अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अधिकतर घुसपैठ करते रहे हैं। नवंबर 2014 में गृह मंत्री राजनाथ सिंह अपने इजरायल दौर पर जब गाजा की बाहरी सीमा चौकियों का अवलोकन करने गये थे तो इजरायल की अत्याधुनिक सीमा सुरक्षा प्रणाली में इस्तेमाल की गयी प्रौद्योगिकी के कायल हो गये थे। यही नहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी इजरायल सीमा सुरक्षा प्रणाली को भारत के साथ साझा करने की इच्छा जताई थी।
उच्च स्तरीय बैठक का फैसला
सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर अजीत डोभाल के अलावा उच्च अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में ऐसा निर्णय लिया गया है। चर्चा के बाद भारत की पश्चिमी सीमा पर इजरायल की तरह की सीमा प्रहरी प्रणाली अपनाने की संभावना पर विचार हुआ। सरकार ने पाक सीमा से बढ़ती घुसपैठ को रोकने के लिए इजरायल की तर्ज पर ही सुरक्षित सीमा प्रहरी प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पठानकोट हमले के बाद से ही भारत-पाकिस्तान सीमा पर घुसपैठ को एकदम खत्म करने की कवायद में सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार बहुस्तरीय योजना पर काम करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।