शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

भारतीय रेल यात्री 64 करोड़ के पार, वंदे भारत व अमृत भारत ट्रेनो ने पकडी रफ्तार

-वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 419 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड, माल ढुलाई में भी शानदार प्रदर्शन 
BY-ओ.पी.पाल 
नई दिल्ली। भारतीय रेल ने देश के 'विकास इंजन' के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करते हुए जून 2026 के दौरान बेहतरीन परिचालन प्रदर्शन जारी रखा है। रेलवे ने माल ढुलाई (फ्रेट) और यात्री सेवाओं दोनों ही मोर्चों पर मजबूत और स्थिर वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी न केवल देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों को सुगम और आधुनिक यात्रा अनुभव देने की रेलवे की प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करती है। 

यात्री यातायात में उछाल:करीब 64 करोड़ लोगों ने किया सफर 
रेल मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रेलवे में माल ढुलाई के साथ-साथ यात्री यातायात में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जून 2026 में कुल 63.81 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल से सफर किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 62.37 करोड़ थी।

कुल यात्री: 63.81 करोड़ 
गैर-उपनगरीय यात्री : 30.04 करोड़ (3.9% वृद्धि) 
उपनगरीय यात्री: 33.77 करोड़ (0.9% वृद्धि) 
लंबी और अल्प दूरी की यात्रा (गैर-उपनगरीय) : यात्रियों की संख्या 3.9 प्रतिशत बढ़कर 28.90 करोड़ से 30.04 करोड़ हो गई। 
लोकल ट्रेनें (उपनगरीय क्षेत्र) : यात्रियों की संख्या 0.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 33.77 करोड़ तक पहुंच गई।

पटरियों पर उतरीं नई वंदे भारत और अमृत भारत 
भारतीय रेल यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और किफायती सफर देने के लिए अपनी प्रीमियम सेवाओं का लगातार आधुनिकीकरण कर रही है। देश में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या अब बढ़कर 164 हो गई है, जिसमें हाल ही में शुरू की गई हावड़ा और कामाख्या के बीच की 'वंदे भारत स्लीपर सेवा' प्रमुख है। वहीं, आम लोगों के लिए बेहद किफायती और आधुनिक मानी जाने वाली अमृत भारत ट्रेनों की संख्या भी 72 तक पहुंच गई है, जिसमें जून महीने में ही 4 नई ट्रेनें शामिल की गई हैं। निरंतर क्षमता विस्तार और ग्राहक-केंद्रित नीतियों के दम पर भारतीय रेल देश के आर्थिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है। 

माल ढुलाई से ₹430 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व 
रेल मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रेल ने जून 2026 में 142.21 मिलियन टन माल ढुलाई की, जो पिछले वर्ष के इसी महीने (136.71 मिलियन टन) की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। माल परिवहन में आई इस तेजी से रेलवे को लगभग ₹430 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है, जो जून 2025 के मुकाबले 3 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। 

एक नजर में रेलवे का जून 2026 प्रदर्शन 
माल ढुलाई : 1422.1 लाख टन (4% वृद्धि) 
अतिरिक्त माल: 55 लाख टन 
ऊर्जा संयंत्रों को कोयला आपूर्ति : 7% अधिक 
सबसे अधिक बढ़ोतरी : उर्वरकों की ढुलाई में 19.1% 
लौह अयस्क (Iron Ore) : 9.4 प्रतिशत की तेजी 
अन्य वस्तुएं : 17.3 प्रतिशत की बढ़त 

सीमेंट कच्चा माल: 7.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी 
यह मजबूत प्रदर्शन केवल जून महीने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भी निरंतर वृद्धि देखी गई। रेलवे ने इस तिमाही में 419.08 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 413.05 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर गई है। 

घरेलू कोयला ढुलाई को तेज 
इसके अलावा, भीषण गर्मी के मौसम में देश के ताप विद्युत संयंत्रों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए रेलवे ने घरेलू कोयला ढुलाई को तेज किया। जून 2026 में बिजली संयंत्रों को पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत अधिक कोयले की आपूर्ति की गई, जिससे देश भर में निर्बाध बिजली उत्पादन सुनिश्चित हो सका।
03July-2026

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