गडकरी ने रिमोट दबाकर किया अंतिम विस्फोट
By-ओ.पी. पाल
नई दिल्ली/श्रीनगर। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण 'जोजिला सुरंग परियोजना' ने मंगलवार को देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया। मुख्य सुरंग की खुदाई का काम सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद पहली बार कश्मीर के बालटाल और लद्दाख के मिनीमर्ग के दोनों छोर आधिकारिक रूप से आपस में जुड़ गए हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनते हुए मिनीमर्ग में पूर्वी प्रवेश-द्वार के पास अंतिम विस्फोट करने के लिए रिमोट का बटन दबाया। इस गरिमामयी समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस परियोजना को भारत की तकनीकी शक्ति, इंजीनियरिंग क्षमता और अदम्य संकल्प" का अद्भुत प्रतीक बताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह सुरंग हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित कर लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए एक जीवनरेखा साबित होगी। उन्होंने सुरंग निर्माण में जुटे इंजीनियरों, अधिकारियों और मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि यह भारत के बुनियादी ढांचे के विकास का एक स्वर्णिम काल है।
3 घंटे का सफर महज 15 मिनट में होगा तय
करीब 14 किलोमीटर (वास्तविक लंबाई 13.15 किमी) लंबी यह अत्याधुनिक सुरंग विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाई गई है। चार बार टेंडर मंजूर होने के बाद भी यह प्रोजेक्ट अटका हुआ था। जब इसकी अनुमानित लागत 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई, तब उन्होंने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए और आज मुझे गर्व है कि इतने बड़े पैमाने पर काम होने के बावजूद हमने देश के लगभग 5,000 करोड़ रुपये बचाए हैं। यह परियोजना लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिये एक जीवनरेखा बनेगी।
इंजीनियरिंग व लोकल वर्कफोर्स का कमाल
केंद्रीय मंत्री ने विपरीत और बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों, सलाहकारों और निर्माण एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि इस पूरी सुरंग के निर्माण में शामिल कुल कार्यबल में से लगभग 80 प्रतिशत मजदूर इसी क्षेत्र के स्थानीय निवासी थे, जिन्होंने देश के इस सपने को साकार किया है।
10June-2026
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें