एक जमाना था जब लोग अपने घरों के बाहर लिखते थे-अतिथि देवो भव: फिर शुरू किया-शुभ लाभ और बाद में लिखा जाने लगा-यूं आर वेलकम अब शुरू हो गया-......से सावधान!
रविवार, 17 जनवरी 2021
देश का पहला गोबर युक्त ‘खादी प्राकृतिक पेंट’ जारी
गडकरी ने लांच किया पर्यावरण अनुकूल अभिनव वॉल पेंट
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
आखिर खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विकसित भारत के पहले गाय का गोबर वाले ‘खादी प्राकृतिक पेंट’ को बाजार में उतार दिया गया है। इस अभिनव पेंट को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी लॉन्च किया है।
केन्द्री य एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को यहां अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा विकसित एक अभिनव पेंट को लॉन्च किया। ‘खादी प्राकृतिक पेंट’ नामक यह पेंट पर्यावरण अनुकूल, विष-रहित है, जो फफूंद-रोधी, जीवाणु-रोधी गुणों के साथ अपनी तरह का पहला उत्पा द है। मुख्य घटक के रूप में गाय के गोबर पर आधारित यह पेंट किफायती और गंधहीन है, जिसे भारतीय मानक ब्यूएरो द्वारा प्रमाणित किया गया है। इस पेंट को जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इस हद तक बेहतर बनाने के प्रयास का हिस्सा है, कि शहरों से ग्रामीण इलाकों में रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी पेंट कंपनियों द्वारा चार्ज की गई कीमत से आधे से भी कम है। यह कहते हुए कि सरकार की भूमिका केवल एक सूत्रधार की है, उन्होंने कहा कि पेंट का विपणन पेशेवर तरीके से किया जाएगा, और देश के सभी कोनों में ले जाया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह, एमएसएमई राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी और केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना भी उपस्थित थे।
-----गाय के गोबर की खपत बढ़ेगी---
इस मौके पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि इस परियोजना की परिकल्पना मार्च 2020 में की गई थी, जिसके बाद केवीआईसी द्वारा एक ईकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट, जयपुर में विकसित की गई। यहां खादी प्राकृतिक पेंट डिस्टेंपर पेंट और प्लास्टिक इमल्शन पेंट यानि दो रूपों में उपलब्ध है। सक्सेना ने कहा कि यह पेंट भारी धातुओं जैसे सीसा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम और अन्य से मुक्त है। यह स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देगा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से स्थायी स्थानीय रोजगार का सृजन करेगा। इस तकनीक से पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में गोबर की खपत बढ़ेगी और किसानों और गौशालाओं को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। गाय के गोबर के उपयोग से पर्यावरण भी साफ होगा और नालियों की कटाई को रोका जा सकेगा।
----तीन प्रयोगशालाओं में हुआ पेंट का परीक्षण---
मंत्रालय के अनुसार खादी प्राकृतिक डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट का परीक्षण देश की प्रतिष्ठित तीन राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में किया गया है, जिसमें नेशनल टेस्ट हाउस, मुंबई, श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च नई दिल्ली और नेशनल टेस्ट हाउस गाजियाबाद शामिल है। यह खादी प्राकृतिक इमल्शन पेंट बीआईएस 15489:2013 मानकों को पूरा करता है। जबकि खादी प्राकृतक डिस्टेंपर पेंट बीआईएस 428: 2013 मानकों से मिलता है। पेंट ने विभिन्न परीक्षण मापदंडों में पेंट के अनुप्रयोग, पतले होने के गुण, सूखने का समय और अन्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पारित किया है। यह भी खास बात है कि यह 4 घंटे से कम समय में सूख जाता है और एक चिकनी और समान खत्म होता है। पेंट को आंतरिक और बाहरी दीवारों पर भी लगाया जा सकता है। डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट दोनों सफेद आधार रंग में उपलब्ध हैं, और यह किसी भी रंग में उपयुक्त रूप से मिश्रण कर सकते हैं।
13Jan-2021
आतकंवाद व तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाएंगे भारत-बांग्लादेश
भारत और बांग्लादेश के पुलिस प्रमुखों के बीच बनी सहमति
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
भारत और बांग्लादेश ने जहां दोनों देशों की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर नशीले पदार्थों, जाली भारतीय मुद्रा, हथियार एवं गोला बारूद की तस्करी और मानव तस्करी समेत सीमा पार की आपराधिक गतिविधियों को रोकने पर रणनीति बनाई है। वहीं दोनों देशो ने आतंकी संगठनों और उनके भगोड़ों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति जताई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को भारत और बांग्लादेश के पुलिस प्रमुखों के बीच पहला प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वर्चुअल संवाद हुआ, जो एक सकारात्मक और भरोसे के माहौल के बीच मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का संकेत है। इस दौरान पारस्परिक चिंता के मुद्दों और आगे बढ़ने के तरीकों पर विचार-विमर्श करते हुए दोनों देशों के पुलिस बलों के संबंधों को और मजबूत बनाने का फैसला किया गया। दोनों और से एक-एक कदम बढ़ाते हुए उभरती सुरक्षा और आतंकवाद रोधी चुनौतियों से समयबद्ध और प्रभावी रूप से निपटने तथा प्रतिक्रिया देने के लिए निर्दिष्ट ‘नोडल बिंदुओं’ की स्थापना करने का फैसला लिया गया। वहीं दोनों ही पक्ष वैश्विक आतंकवादी समूहों सहित आतंकी संगठनों के साथ ही भगोड़ों के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर सहमत हुए, चाहें वे कहीं भी मौजूद हों और सक्रिय हों। दोनों ही पक्षों ने निर्दिष्ट ‘नोडल बिंदुओं’ के माध्यम से रियल टाइम आधार पर जानकारियों की साझेदारी और फीडबैक देने की जरूरत को दोहराया। वहीं क्षेत्र में सक्रिय विद्रोही समूहों के खिलाई जारी कार्रवाई पर एक दूसरे की सराहना की गई। इस बैठक के दौरान सीमाओं पर नशीले पदार्थों, जाली भारतीय मुद्रा, हथियार एवं गोला बारूद की तस्करी और मानव तस्करी सहित सीमापार आपराधिक गतिविधियों को रोक के लिए समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों ही देशों ने अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर आपराधिक गतिविधियां संबन्धी सूचनाओं को साझा करते हुए त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनाई।
----सुरक्षा बलों के बीच बढ़ेगा सहयोग---
वर्तमान कोविड-19 महामारी के चलते लगाई गईं बंदिशों को देखते हुए बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से और छोटे प्रारूप में किया गया था। हालांकि भविष्य में सभी सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग बढ़ाने के निष्कर्ष के साथ संवाद के खत्म होने के मद्देनजर दोनों पक्षों ने इस नई उच्च स्तरीय व्यवस्था पर जोर दिया। दोनों पक्षों से जुड़ी अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्यों के सहयोग से पुलिस प्रमुखों के संस्थान के संवाद से दोनों देशों के पुलिस बलों के बीच मौजूदा सहयोग बढ़ेगा, जिससे बांग्लादेश की मुक्ति की 50वीं वर्षगांठ पर रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
13Jan-2021
नागरिक सुधारों को पूरा करने वाला चौथा राज्य बना मणिपुर
मध्य प्रदेश, आंध्र व तेलंगाना के बाद मिली अतिरिक्त उधार की अनुमति
चारों राज्य अतिरिक्त उधार के रूप में जुटा सकेंगे 7,481 करोड़
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्यों में आर्थिक सुधार की दिशा में शुरू की गई चार नागरिक केंद्रित सुधार योजना के तहत मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के बाद मणिपुर ऐसा चौथा राज्य बन गया, जिसने शहरी निकाय सुधारों को लागू किया है। इसलिए केंद्र ने इन चारों राज्यों को अब तक 7,481 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधार जुटाने की अनुमति दी है, जिसमें मणिपुर भी अब 75 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधार जुटा सकेगा।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड प्रणाली, व्यापार को आसान बनाने के सुधार, शहरी स्थानीय निकाय सुधार तथा विद्युत क्षेत्र सुधार जैसे चार नागरिक केंद्रित सुधार योजना एक योजना शुरू की थी, जिसके तहत शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) सुधारों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाला मिणपुर चौथा राज्य बना है। इस सुधार को सबसे पहले मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश सरकार ने लागू किया, जिसके बाद तेलंगाना तीसरे राज्य के रूप में सामने आया था। अब इस सुधार करने वाले राज्यों में शामिल मिणपुर को भी केंद्र सरकार ने खुले बाजार ऋण के माध्यम से 75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने का हक दे दिया है। इसके लिए मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 11 जनवरी को अनुमति जारी की जा चुकी है। मंत्रालय के अनुसार शहरी स्थानीय निकायों के सुधार पूरा करने पर इन चार राज्यों को अब तक 7,481 करोड़ रुपये का अतिरिक्त उधार जुटाने की अनुमति दी गई है, जिसमें मध्य प्रदेश को 2,373 करोड़, आंध्र प्रदेश को 2,525 करोड़, तेलंगाना को 2,508 करोड़ तथा मणिपुर को 75 करोड़ रुपये की इजाजत दी गई है। मंत्रालय के अनुसार अब तक इन चार सुधारों में से 10 राज्यों ने वन नेशन, वन राशन कार्ड प्रणाली लागू की है। 7 राज्यों ने व्यापार को आसान बनाने के सुधार लागू किए हैं और 4 राज्यों ने स्थानीय निकाय सुधार किए हैं। सुधार करने वाले इन राज्यों को अब तक 54,265 करोड़ रुपये का कुल अतिरिक्त उधार जुटाने की अनुमति दी गई है।
13Jan-2021
मणिपुर में ‘हर घर जल’ मिशन जल्द पूरा करने का लक्ष्य
तकनीकी मदद के लिए दौरे पर पहुंची मिशन की टीम
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की 6 सदस्य टीम मणिपुर में जल जीवन मिशन के कार्यन्वयन में तकनीकी मदद के लिए चार दिवसीय दौरे पर राज्य में पहुंच गई है, जहां ग्रामीण परिवारों के लिए ‘हर घर जल’ के उद्देश्य को पूरा करने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए तकनीकी मदद दी जाएगी।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि देश में हर ग्रामीण परिवार को जल कनेक्शन के जरिए पीने का शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए चलाए जा रहे जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में कई राज्यों व और दुर्गम क्षेत्रों में कठिनाईयां आ रही है। इसके लिए राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की टीमें ऐसे राज्यों का दौरा करके तकनीकी सहायता मुहैया करा रहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस मिशन को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। मिशन की यह टीम मणिपुर का दौरा करते हुए राज्य में इस कार्यक्रम को लागू करने में आ रही समस्याओं और चुनौतियों की पहचान करेगी और वहीं कार्यक्रम को लागू करने के लिए किए जा रहे बेहतर प्रयोगों को देश के अन्य हिस्सों में लागू करने के लिए उन्हें दर्ज करेगी। हालांकि मणिपुर सघन वर्षा वाले क्षेत्र में आता है लेकिन हर साल फरवरी से मई महीने के बीच यहां पानी की भारी किल्लत हो जाती है। मणिपुर मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है जहां पर बिजली उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। जलापूर्ति की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से राज्य में जल आपूर्ति और जल की गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुई है। राज्य में पानी की किल्लत, अति दोहन और प्रदूषण जल प्रबंधन क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं रही हैं। जल प्रबंधन से जुड़ी जरूरी संरचनाओं के विकास से भूजल की स्थिति बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
----राज्य में 37 फीसदी नल कनेक्शन---
मंत्रालय के अनुसार उत्तरपूर्व के राज्य मणिपुर में 4.51 लाख ग्रामीण परिवार हैं जिनमें से 1.67 लाख (37 प्रतिशत) परिवारों तक ही नल के जरिए घर तक पानी की आपूर्ति होती है। राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत के 2 लाख परिवारों तक और इसके आगे 2021-22 तक 100 प्रतिशत परिवारों तक नल के जरिए जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत लगाए गए नलों की संख्या और उनके इस्तेमाल तथा इन पर केंद्र और राज्य द्वारा खर्च की गई राशि के आधार पर केंद्र सरकार राज्यों को आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत मणिपुर को 2020-21 के दौरान 131.80 करोड़ रुपए दिए हैं। जल जीवन मिशन को सुचारू तरीके से लागू करने के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं, सीएमपीए और स्थानीय क्षेत्र विकास कोष आदि के लिए दिया गया धन राज्य सरकारों को मनरेगा, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, विभिन्न कार्यक्रमों में समायोजित करना होगा।
13Jan-2021
राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन: मोदी
युवाओं को राजनीति की इस प्रथा को जड़ से खत्म करने की जरुरत
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भाई-भतीजावाद और वंशवाद की राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि भारत के युवाओं को परिवार-आधारित राजनीति की इस प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए राजनीति में प्रवेश करने की जरुरत है। युवाओं को संसद के केंद्रीय कक्ष तक पहुंचने की जरूरत है और भविष्य में राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए हमें अपना अगला गेन तैयार करना होगा,क्योंकि हमारी लोकतांत्रिक प्रथाओं को बचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दरअसल मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद के समापन सत्र में शामिल हुए देशभर के प्रतिभागी युवाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के तीनों युवा विजेताओं के विचार भी सुनने के बाद स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि कि समय गुजरता गया, देश आजाद हो गया, लेकिन हम आज भी देखते हैं, स्वामी जी का प्रभाव अब भी उतना ही है। स्वामी जी ने अध्यात्म को लेकर, राष्ट्रवाद-राष्ट्र निर्माण को लेकर, जनसेवा-जगसेवा को लेकर जो कहा, वह आज भी हमारे मन-मंदिर में उतनी ही तीव्रता से प्रवाहित होता हैं। मोदी ने कहा कि लोग स्वामी जी के प्रभाव में आते हैं, संस्थानों का निर्माण करते हैं, फिर उन संस्थानों से ऐसे लोग निकलते हैं जो स्वामी जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए नए लोगों को जोड़ते चलते हैं। इंडिविजुअल से इंस्टीटूशन्स और इंस्टीटूशन्स से इंडिविजुअल का ये चक्र भारत की बहुत बड़ी ताकत है।
-----युवाओं में देश व समाज में बदलाव की क्षमता----
प्रधान मंत्री मोदी ने युवाओं के बीच खासकर इस बात का उल्लेख किया कि देश में यह धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है, क्योंकि राजनीति का मतलब ही बन गया था कि झगड़ा, फसाद, लूट-खसोट, भ्रष्टाचार! लोग यहां तक कहते थे कि सब कुछ बदल सकता है, लेकिन सियासत नहीं बदल सकती। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है और इस धारणा में बदलाव हो रहा है, कि राजनीति अनैतिक गतिविधियों की जगह है। उन्होंने कहा कि ऑनेस्टी और परफॉरमेंस आज की राजनीति की पहली अनिवार्य शर्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में कुछ बदलाव बाकी हैं और ये बदलाव देश के युवाओं को ही करने हैं। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि राजनीतिक वंशवाद देश के सामने ऐसी ही चुनौती है, जिसे जड़ से उखाड़ना जरुरी है। क्योंकि राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र में तानाशाही के साथ ही अक्षमता को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि वंशवाद भारत में राजनीतिक और सामाजिक करप्शन का भी एक बहुत बड़ा कारण है। इसलिए युवाओं को राजनीतिक वंशवाद जैसी प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए राजनीति में आना जरुरी है। इस मौके पर उन्होंने हाल ही में घोषित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश में एक इकोसिस्टम बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसका अभाव अक्सर युवाओं को शिक्षा के लिए विदेशों की ओर देखने के लिए मजबूर करता है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा लोक सभा सचिवालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, युवा कार्य और खेल मंत्री किरेन रिजीजू और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-----सकारात्मक बदलावों के नवाचारों में युवा आगे: बिरला----
युवा संसद के समापन से पहले मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम देश के पुनरूत्थान एवं संविधान और संसद को सशक्त करने के लिए युवा ऊर्जा और युवा शक्ति का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि देश में सकारात्मक बदलावों के नवाचारों के साथ युवा आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है। बिरला ने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे संसदीय प्रक्रियाओं और मूल्यों को देश में अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा यहां से जो शक्ति और ऊर्जा का स्रोत लेकर जाएंगे, वह देश के अलग-अलग क्षेत्रों में लोकतंत्र को मजबूत करेगा और उसके साथ ही देश की समस्याओं और कठिनाइयों के समाधान का मार्ग भी इसी लोकतंत्र के माध्यम से निकलेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मौके पर राष्ट्रीय युवा संसद 2021 प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। इस महोत्सव में 7 लाख युवाओं ने 24 विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
13Jan-2021
अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों का नवीकरण हुआ आसान
केंद्र सरकार ने प्रवासी भारतीयों के आईपीडी प्रक्रिया में दी बड़ी राहत
अब विदेशों में भारतीय दूतावावों व मिशन के जरिए हो सकेंगे आवेदन
------हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जारी अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों को विदेशों में स्वीकार न किये जाने जैसी परेशानी को दूर करने यानि आईडीपी की प्रक्रिया को सुगम बनाने का निर्णय लेते हुए केन्द्री य मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन करने के बाद अधिसूचना जारी कर दी है। मसलन अब विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों के अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों का नवीकरण करना भी आसान कर दिया गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे भारतीय नागरिकों को जारी अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) की प्रक्रिया को लेकर विदेशों में आ रही परेशानी और आईडीपी की अवधि समाप्त होने पर नवीकरण कराने जैसी कठिनाईओं को सुगम बनाने के लिए केन्द्री य मोटर वाहन अधिनियम-1989 में संशोधन किया है। इस संशोधन के बाद जारी एक अधिसूचना के मुताबिक अब प्रवासी भारतीयों को विदेशों में ही अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों का नवीकरण कराने के लिए तंत्र मुहैया कराया जा रहा है। मसलन अब संशोधित प्रावधानों के तहत भारतीय नागरिक विदेशों में भारतीय दूतावास या मिशन एब्रोड पोर्टल्स के माध्यम से नवीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं, जहाँ से ये आवेदन भारत में वाहन पोर्टल पर आ जाएंगे। विदेशों में भारतीय दूतावासों या मिशनों के माध्यम से ऐसे आवेदनों पर भारत में संबंधित आरटीओ द्वारा विचार किया जाएगा। आईडीपी को संबंधित आरटीओ द्वारा विदेश में नागरिकों के पते पर कुरिअर कर दिया जाएगा। इस अधिसूचना के अनुसार भारत में आईडीपी के लिए आवेदन करते समय एक चिकित्सा प्रमाण पत्र और वैध वीजा की शर्तों को भी खत्म कर दिया गया है और यह मान लिया गया है कि कि जिस भारतीय नागरिक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है, उसे दूसरे चिकित्सा प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय के अनुसार इसके अलावा कुछ ऐसे देश हैं, जहां चिकित्सा प्रमाण पत्र वीजा आगमन पर या अंतिम क्षण में जारी किया जाता है। ऐसे मामलों में यात्रा से पहले भारत में आईडीपी के लिए आवेदन करते समय वीज़ा उपलब्ध नहीं होता है। इसलिए मंत्रालय ने अब अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों के आवेदन पर वीज़ा के बिना विचार करने का प्रावधान किया है।
-----चिकित्सा प्रमाण पत्र व वीजा शर्ते खत्म-----
मंत्रालय के अनुसार कोरोना काल के संकट के दौरान भारत सरकार के संज्ञान में आया था कि विदेशों में रह रहे ऐसे भारतीय नागरिकों जिनके पास भारत में बने अंतरराष्ट्री य ड्राइविंग परमिट हैं और उनकी वैधता अवधि समाप्त हो गई और विदेश में उनके नवीकरण के लिए कोई तंत्र नहीं है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रवासी भारतीयों की इस परेशानी को गंभीरता से लेते अंतरराष्ट्री य ड्राइविंग परमिट यानि आईडीपी के नवीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सीएमवीआर-1989 में संशोधन करने का प्रस्ता्व किया और पिछले साल अक्टूबर 2020 में एक अधिसूचना जारी करके आम राय और टिप्पणियां आमंत्रित की थी, जिसके बाद अब अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन करके प्रवासी भारतीयों को बड़ी राहत दी और उन्हें अंतरराष्ट्री य ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन की चिकित्सा प्रमाण पत्र व वीजा की शर्तो में छूट के साथ विदेशों में ही तंत्र मुहैया करा दिया है।
12Jan-2021
लोकतन्त्र के प्रति विश्वास में लगातार वृद्धि में युवाओं की अहम भूमिका: बिरला
संसद के केंद्रीय कक्ष में शुरू हुआ राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव
राष्ट्रीय युवा संसद को पीएम मोदी करेंगे संबोधित
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पिछले सात दशकों की यात्रा में भारत का लोकतन्त्र निरंतर सशक्त और समृद्ध हुआ है, जिसकी परिक्वता का पता लोकतन्त्र के प्रति लोगों में विश्वास में लगातार हो रही वृद्धि से लगता है, इसमें देश के युवओं की भी अहम भूमिका है। इस समारोह में शामिल हो रहे युवाओं को कल मंगलवार को वर्चुअल तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे।
ओम बिरला ने यह बात सोमवार को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में खेल मंत्रालय और लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद-2021 के अंतिम चरण के उदघाटन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने लोकतन्त्र के प्रति लोगों के विश्वास में लगातार वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले सात दशकों की यात्रा में भारत का लोकतन्त्र निरंतर सशक्त और समृद्ध हुआ है। युवाओं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की बात करते हुए बिरला ने कहा कि स्वतन्त्रता के पूर्व युवाओं ने बलिदान देकर देश को आजाद कराया था। उन्होंने युवाओं को अपने दायित्व और कर्तव्य के साथ भारत को समृद्धि और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने में योगदान करने पर बल दिया। उन्होने यह भी कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2017 में मन की बात कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और नई सोच के माध्यम से देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे युवाओं को एक नई दिशा दी थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आशा व्यक्त की कि युवा संसद नेशन फ़र्स्ट के संकल्प के साथ लोकतन्त्र के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में देश के नौजवान अपनी बौद्धिक क्षमता, तकनीकी ज्ञान और कौशल के माध्यम से नवाचार आधारित विश्व में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। बिरला ने राष्ट्रीय युवा संसद 2021 के अंतिम चरण में प्रतिस्पर्धा कर रहे युवा नेताओं से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। बिरला ने लोकसभा सचिवालय को यह निर्देश दिया कि इन युवा प्रतिभागियों को संसद के काम-काज के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे लोकतान्त्रिक कार्यकरण को बेहतर ढंग से समझ सकें।
----शास्त्री को किया याद---
लोकसभा अध्यक्ष ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि हमारे देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करने वाले जवानों और किसानों के लिए ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया। बिरला ने कहा कि जिस प्रकार शास्त्री जी ने खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया, उसी तरह प्रधान मंत्री आत्मनिर्भर भारत के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इस समारोह के उद्घाटन सत्र को लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह, युवा कार्य और खेल मंत्रालय की सचिव सुश्री उषा शर्मा और खेल मंत्रालय के सचिव रवि मित्तल ने भी संबोधित किया।
----एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करें युवा:रिजीजू---
इस समारोह में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरन रिजीजून ने भारतीय लोकतन्त्र के मंदिर में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद में शामिल हुए युवाओं से कहा कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे मौके पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने के कार्य में युवाओं को शामिल करने हेतु नई पहलें की गई हैं। इसी पहल का में आज देश से युवाओं को राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं, जहां उन्हें इस मंच से अपने सामाजिक और आर्थिक विचार साझा करने का मौका मिलेगा और लोकतान्त्रिक मूल्यों को आत्मसात करने में मदद मिलेगी।
12Jan-2021
सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी किसान संघर्ष समिति
हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने दी सरकार को चेतावनी
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेश यादव ने ऐलान किया है कि केंद्र और हरियाणा सरकार सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इसे लागू करवाने में विफल रही है। इसलिए अब समिति इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार तथा पंजाब सरकार को एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए आदेश जारी कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खट खटाएगी। हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष व अटेली से पूर्व विधायक नरेश यादव ने सोमवार को कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद केन्द्र सरकार व हरियाणा सरकार इसे लागू करवाने में पूरी तरह से विफल रही है। दक्षिणी हरियाणा अहीरवाल क्षेत्र का किसान दयनीय हालत में जी रहा है, लेकिन सरकारों को इससे कोई सरोकार नहीं है। हरियाणा युवा किसान संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि कि अब समिति इसे लागू करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा ही खटखटायेगी, ताकि जिसमें सुप्रीम कोर्ट से केन्द्र सरकार तथा पंजाब सरकार को एसवाईएल नहर के अविलम्ब निर्माण का आदेश जारी करने की मांग की जाएगी। जबकि पहले ही सुप्रीम कोर्ट का हरियाणा के हक में आदेश आने के बावजूद पंजाब सरकार ने एसवाईएल मुद्दे पर अडिय़ल रवैया अपनाया हुआ है। यादव ने केन्द्र सरकार से भी मांग की है कि किसानों के मुद्दे को लेकर केन्द्र द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति में उनके संगठन को भी बुलाया जाये तथा अहीरवाल क्षेत्र के किसानों की परेशानियों का निदान किया जाये। यादव ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर केन्द्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी में उनको नहीं सुना जाता तो उनकी समिति पूरे अहीरवाल क्षेत्र में जन जागरण अभियान चलायेगी।
12Jan-2021
हरियाणा के गढ़ी व पातली स्टेशनों पर अब होगा 15 रैकों का ज्यादा लदान
दिल्ली-रेवाड़ी सेक्शन पर पूरा हुआ नॉन इंटरलॉकिंग कार्य
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
देश में रेलवे के ढाँचागत विस्तार, संरक्षा, गति और वहन क्षमता में वृद्धि के लिए चलाई जा रही आधुनिक परियोजनाओं में हरियाणा में दिल्ली-रेवाड़ी सेक्शन पर गढ़ी और पातली स्टेशनों के बीच नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्य से अब इन दोनों रेलवे स्टेशनों पर 15-15 रैकों का अतिरिक्त लदान किया जा सकेगा।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ढाँचागत विस्तार, संरक्षा, गति और वहन क्षमता में वृद्धि की दिशा में उत्तर रेलवे द्वारा इस नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य के तहत दिल्ली मंडल के दिल्ली-रेवाड़ी सेक्शन पर गढ़ी और पातली स्टेशनों पर लगी एसआईएमआईएस के स्थान पर वैस्टरेस मार्क-2 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लगाई है, इससे यहां के प्रत्येक स्टेशन से 15 रैकों का अतिरिक्त लदान किया जा सकेगा।
----गढ़ी व पातली स्टेशनों पर नई व्यवस्था----
इस स्टेशन के मौजूदा 67 रूटों को बढ़ाकर 80 कर दिया गया है, जहां 37 इंट एम/सी व 20 सिगनल लगाने के अलावा नई सुविधाएं भी शुरू की गई है, जिनमें एक अतिरिक्त लाइन संख्या नौ के अलावा एक टावर वैगन साइडिंग तथा एक मशीन साइडिंग स्थापित की गई है। वहीं यांत्रिक रूप से उठाए जाने वाले बैरियर को बदलकर स्लाइडिंग बूम वाला इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर लगाया गया है। इसके अलावा गढी-पातली के बीच ब्लॉक वर्किंग को बदलकर बीपीएसी से एसजीई किया गया है। इसी प्रकार पातली रेलवे स्टेशन के मौजूदा 39 रूट के विस्तार के बाद अब नए रूटों की संख्या 106 हो गई है। इस स्टेशन पर 31 प्वाइंट एम/सी, दो के-प्वाइंट, 15 सीएच तथा -19 सिगनल लगाए गये हैं। इसके अलावा पातली स्टेशन पर शुरू की गई अतिरिक्त सुविधाओं के तहत एक अतिरिक्त लाइनें आरडी-1 और आरडी-2 के अलावा 719 मीटर की शंटिंग नेक की व्यवस्था करना भी शामिल है।
12Jan-2021
देश में पहली बार की गई वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी
अब छोटे और मध्यम उद्योगों को भी आसानी से मिलेगा कोयला
अमित शाह ने किया ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम वेब पोर्टल’ का उद्घाटन
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली।
मोदी सरकार के नीतिगत फैसलों में शामिल कोयला खनन क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत के मिशन की दिशा में देश की पहली वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी हुई, जिसके तहत अब छोटे और मध्यम उद्योगों को भी सरलता से कोयला मिल सकेगा। इस कदम के तहत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोयला खनन क्षेत्र में ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम वेब पोर्टल’ का उद्घाटन भी किया।
केन्द्री य गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में कोयला खनन क्षेत्र में ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम वेब पोर्टल’ का उद्घाटन करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आत्मनिर्भर भारत के मिशन पूरा करने की दिशा में कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की पहल के तहत यह पोर्टल आजादी के 75 साल पूरे होने पर 2022 तक पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में भी कोयला क्षेत्र की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका सामने होगी। वहीं वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी से अब छोटे और मध्यम उद्योगों को भी सरलता से कोयला मिल सकेगा। अमित शाह ने कहा कि आजादी से आज तक कोयला क्षेत्र में किए गए कार्य का आंकलन करने पर ज्ञात होता है कि पिछले छह साल में 2014 के करीब 560 मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन बढ़कर 2020 में यह 729 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, कोयला खनन क्षेत्र की गति जितनी अधिक बढ़ेगी उतना ही देश के अर्थतंत्र को फायदा होगा और पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी प्रक्रिया से देश के मध्य और पूर्वी जनजातीय इलाकों में विकास का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने खदानों के पास रहने वाले लोगों के लिए 46 हजार करोड़ रुपये के डिस्ट्रिक्ट मिनरल डेव्लपमेंट फ़ंड की रचना की है, जिसमे जिलों के विकास और उनमें सबसे कम विकसित गाँवों पर मुख्य ज़ोर दिया गया है। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी, दलित, पिछड़े और गरीब लोगों के विकास का काम हुआ है। इस मौके पर शाह ने देश की पहली वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी के सफल बोलीदाताओं को अधिकार पत्र भी सौंपे। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला, खनन और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी तथा अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
-----पहली वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी-----
इस समारोह में मौजूद केंद्रीय कोयला, खनन और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि देश की पहली वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी के अंतर्गत आज सोमवार को 19 सफल बोलीदाताओं को खदानों का आवंटन हुआ है। इससे राज्यों को प्रतिवर्ष करीब 6,500 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व मिलेगा और 70 हजार से ज्यादा नौकरियों का सृजन भी होगा। वहीं 8 हजार से 10,000 करोड़ रुपये का निवेश भी होगा। उन्होने कहा कि कोयला के पीएसयू प्लान के तहत अगले एक दशक में करीब लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा और पीएसयू-प्राइवेट प्लान के अंतर्गत करीब 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की आशा है, जिसके लिए एक रोड मैप भी तैयार कर लिया गया है।
----सरकार ने लड़ी दोहरी लड़ाई----
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2020 में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त थी, सम्पूर्ण मानव जाति इस संकट से परेशान हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने इस संकट की घड़ी में दो मोर्चों पर सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी, जिसमें एक कोरोना के विरुद्ध और दूसरी मंदी के खिलाफ। सरकार ने कृषि, शिक्षा, अंतरिक्ष, अर्थव्यवस्था और फ़र्टिलाइज़र समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अनेक नीतिगत बदलाव भी किए। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बहुत सारी योजनाएं लाई गईं और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए ढांचा तैयार करने का काम हुआ। इनमें से कई योजनाएं लागू हो चुकी हैं और बाकी को धीरे धीरे लागू किया जा रहा है।
12Jan-2021
सदस्यता लें
संदेश (Atom)





