सोमवार, 31 दिसंबर 2018

यमुना सफाई की पटरी पर आई 11 परियोजनाएं



गंगा की स्वच्छता का सपना होगा साकार: गडकरी
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
नमामि गंगे मिशन के काम को ‘एक शहर-एक संचालक’ अवधारणा के साथ तेज करने पर कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने दावा किया है कि मार्च 2020 तक गंगा नदी को स्वच्छता का सपना पूरी तरह से साकार कर लिया जाएगा। दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए भी 11 परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को नमामि गंगे मिशन को ‘एक शहर-एक संचालक’ और हाइब्रिड एन्‍यूटी मोड के तहत तेजी लाने की दिशा में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने नमामि गंगे मिशन के लिए चल रही परियोजनाओं के मद्देनरज उम्मीद जताई कि मार्च 2019 तक गंगा नदी के जल को 80 फीसदी तक निर्मल और अविरल बना दिया जाएगा, जबकि मार्च 2020 तक गंगा पूरी तरह स्वच्छता के सपने को पूरा करेगी। इस कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने नमामि गंगे कार्यक्रम में सबसे बड़ी बाधा यूपी के कानपुर के चमड़ा उद्योग बने हुए थे, जिसे दूर करने के बाद सरकार ने इस मिशन के तहत कानपुर में गंगा में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए ‘एक शहर-एक संचालक’ योजना को अंजाम दिया है। वहीं दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए भी करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 11 परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।       
गंगा किनारे गांव शौचमुक्त
गडकरी ने बताया कि गंगा के तट पर बसे करीब साढ़े चार हजार गांव को खुले शौच से मुक्त किया जा चुका है। वहीं मिशन की परियोजनाओं में ग्राम पंचायतों को भी हिस्सेदार बनाया गया है। वहीं शहरों में सीवेज प्लांट स्थापित करने की परियोजनाओं में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा बेसिन राज्यों के शहरों, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों द्वारा मिशन में दिये जा रहे सहयोग के जरिए गंगा नदी में पड़ने वाले तमाम गंदे नालों के पानी को रोकने के लिए जल शोधन संयत्रों की स्थापना के लिए जयादातर परियोजनएं अतिंम चरण में हैं। नमामि गंगे परियोजनाओं और उठाए गये अन्य कदमों के नतीजे दिखने लगे हैं तो गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए संजोये गये सपने आने वाले समय में पूरा होना तय है।
यूपी की 13 परियोजनाएं पूरी
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि नमामि गंगे के तहत उत्तर प्रदेश में 9934 करोड़ रुपये की लागत वाली 73 परियोजनाएं मंजूर की गई है, जिनमें से 13 परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है और बाकी बाकी परियोजनाएं पूरी होने के विभिन्न चरणों में है। उन्होंने जानकारी दी कि नमामि गंगे मिशन को तेजी से चलाने की दिशा में संबन्धित खासकर यूपी में हाइब्रिड एन्‍यूटी मोड पर परियोजनाओं को चलाया जा रहा है।
समझौता बनेगा सफलता का सबब
नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने कानपुर में नमामि गंगे की परियोजनओं को तेजी से चलाने के लिए शुक्रवार को हुए समझौता ज्ञापन के बारे में कहा कि ‘एक शहर-एक संचालक’ अवधारणा के साथ राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश जल निगम और निजी छूटग्राही-मैसर्स शापूरजीपालोनजी एंड कंपनी लिमिटेड और एसएसजी इंफ्राटेक लिमिटेड के साथ हुए करार के तहत अब हाइब्रिड एन्यूइटी आधारित पीपीपी मोड के जरिए से एकल जवाबदेही, वांछित प्रदर्शन और सावधि संपोषण सुनिश्‍चित हो सकेगी। इस करार में हाइब्रिड एन्‍यूटी मोड के तहत कानपुर में सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्‍ट्रक्चर मजबूत करना भी शामिल है।
22Dec-2018


राज्यसभा: संचार उपकरणों की निगरानी पर हंगामा

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में होगी निगरानी: जेटली
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सरकार के कंप्यूटर और संचार उपकरणों की निगरानी के आदेशों पर बिफरे विपक्ष ने हंगामा किया। इस मुद्दे पर सत्ता व विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोपों के बीच सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद 27 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में शुक्रवार को भी कार्यवाही शुरू होने पर हंगामा जारी रहा, जिसके कारण सदन में शून्यकाल व प्रश्नकाल नहीं हो सकता। सुबह आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद जैसे ही सभापति वेंकैया नायडू ने शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया तो राफेल, आंध्र व कावेरी के अलावा अन्य मुद्दों पर हंगामा शुरू हो गया। इसके कारण सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक स्थगित कर दी गई। दोपहर बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर सवाल उठाए और इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की। वहीं गृह मंत्रालय द्वारा दस केंद्रीय एजेंसियों को कंप्यूटर एवं अन्य संचार उपकरणों की निगरानी करने वाले आदेश का विरोध करते हुए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निजता पर हमला करार दिया और मामले को लेकर हंगामा शुरू हो गया। पीठ पर मौजूद उपसभापति हरबंश ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की। विपक्ष के आरोपों पर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देते हुए केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह आदेश कोई नया नहीं है। इससे पहले यूपीए समेत पूर्ववती सरकारे भी इन एजेंसियों को ऐसी निगरानी की जिम्मेदारी देती रही हैं। सदन में बोलते हुए जेटली ने कांग्रेस पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राई के बिना ही पहाड़ बना रही है। जेटली ने विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद एवं कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा को नसीहत देते हुए कहा कि यह मुद्दा उठाने से पहले बेहतर होता कि विपक्ष इस बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेता। जेटली ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के उस आरोप को भी खारिज किया है कि इस आदेश के तहत हर कंप्यूटर एवं टेलीफोन की निगरानी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आतंकवादी गतिविधि, कानून व्यवस्था, देश की अखंडता से जब जुड़ा मामला हो तो अधिसूचित एजेंसियां संबंधित व्यक्ति के उपकरणों की निगरानी कर सकती हैं।
क्रिसमस के उपलक्ष्य में नहीं चलेगी संसद
संसद के दोनों सदनों में क्रिसमस के अवसर पर तीन दिन का अवकाश रहेगा। मसलन 24 से 26 दिसंबर तक संसद के दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं होगा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को इस अवकाश का ऐलान किया, जबकि उच्च सदन में पहले ही इन तीन दिन के लिए क्रिसमस के अवकाश की घोषणा की जा चुकी है।
22Dec-2018

संसद सत्र: हंगामे की भेंट चढ़ी राज्यसभा की कार्यवाही

लोकसभा में हंगामे के बीच पास हुए दो विधेयक 
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
संसद के शीतकालीन सत्र के सातवें दिन भी दोनों सदनों में राफेल, कावेरी व आंध्र प्रदेश व अन्य मुद्दों पर जारी हंगामा नहीं थमा, जिसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनटों बाद ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं लोकसभा की कार्यवाही भी हंगामे के कारण बार-बार बाधित हुई, जहां हंगामे के बीच ही दो विधेयक भी पारित किये गये।
संसद में शीतकालीन सत्र के पहले दिन से ही कांग्रेस, अन्नाद्रमुक एवं तेदेपा और अन्य दल अलग अलग मुद्दों पर हंगामा किये हुए हैं। गु   रुवार को सातवें दिन भी राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये। वहीं नायडू ने कांग्रेस सदस्य आनंद शर्मा द्वारा राफेल मुद्दे पर सत्तापक्ष की ओर से राहुल गांधी का नाम लेने की आपत्ति के साथ विशेषाधिकार हनन के नोटिस की भी जानकारी दी। इसके बावजूद सदन में अन्नाद्रमुक, तेदेपा व द्रमुक के सदस्य आसन के करीब आकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। हंगामा न थमने के कारण दस मिनट बाद ही नायडू ने सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
दिव्यांगों के राष्ट्रीय न्यास के गठन का रास्ता साफ
राज्यसभा में पिछले सप्ताह पारित किये गये यह विधेयक राष्ट्रीय स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात,, मानसिक मंदता और बहु-निशक्तताग्रस्त कल्याण न्यास (संशोधन) विधेयक को गुरुवार का लोकसभा में हंगामे के बीच ही पारित करा लिया गया। इस प्रकार इस विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने के कारण अब ऑटिज्म पीड़ित दिव्यांगों के लिये राष्ट्रीय न्यास के गठन में नियमों की बाधाओं को दूर किया जा सकेगा।
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लोकसभा में भी हंगामा जारी
लोकसभा में भी गुरुवार को कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई। इससे पहले कांग्रेस सदस्य राफेल विमान सौदे की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग को लेकर स्पीकर के आसन के करीब आ गए। वहीं तेदेपा सदस्य भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने और अन्नाद्रमुक सदस्य कावेरी नदी पर बांध का निर्माण रोकने की मांग को लेकर आसन के करीब आ गये थे। दूसरी ओर लोकसभा में भाजपा के कुछ सदस्यों ने भी अपनी सीटों पर खड़े होकर राफेल पर राहुल गांधी माफी मांगने के लिए नारेबाजी करना शुरू कर दी। इसके बाद 12 बजे शुरू हुई कार्यवाही के दौरान हंगामे के बीच ही सदन में वित्तमंत्री अरुण जेटली कंपनी विधेयक पेश किया, लेकिन हंगामे ने सदन की कार्यवाही फिर दो बजे तक स्थगित करा दिया। दो बजे फिर शुरू हुई कार्यवाही के दौरान भी हंगामा होता रहा, लेकिन इसी हंगामे के बीच लोकसभा ने पहले उपभोक्ता संरक्षण विधेयक और इसके बाद राज्यसभा से पारित राष्ट्रीय स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात, मानसिक मंदता और बहु-निशक्तताग्रस्त कल्याण न्यास (संशोधन) विधेयक करा लिया गया। इसके बाद हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।
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संसद भवन परिसर में प्रदर्शन
अन्नाद्रमुक, तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कावेरी पर बांध के विरोध में गांधी प्रतिमा के समक्ष तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जबकि तेदेपा सदस्यों ने आंध्र प्रदेश की विभिन्न मांगों को लेकर गांधी की प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर प्रदर्शन किया। तेदेपा सदस्य आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के लिये विशेष वित्तीय मदद दिये जाने और कडपा में इस्पात सयंत्र लगाने की मांग करते भी नजर आए। आंध्र प्रदेश का विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। 
21Dec-2018
 


भिलाई स्टील प्लांट के छह कर्मचारियों को श्रमश्री पुरस्कार

प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार के लिए 40 कर्मचारियों का चयन                     
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 के लिए प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कारों की घोषणा कर दी है, जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र की इकाइयों के विभागीय उपक्रमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत 40 श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें सेल के भिलाई स्टील प्लांट के छह कर्मचारी भी शामिल हैं।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह पुरस्कार श्रमिकों के  विशिष्ट प्रदर्शन, अभिनव क्षमताओं, उत्पादकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और असाधारण साहस के लिए दिया जाता है। वर्ष 2017 के लिए पीएम श्रम पुरस्कारों को अगल श्रेणी में दिया जाएगा। इस साल प्रतिष्ठित श्रम रत्न पुरस्कार के लिए कोई चयन नहीं किया जा सका, लेकिन चयनित तीन महिलाओं समेत 40 श्रमिकों को कुल दिये जाने वाले 31 पुरस्कारों में तीन पुरस्कार श्रम भूषण पुरस्कार, 12 पुरस्कार श्रम वीर/श्रम वीरंगाना तथा 16 पुरस्कार श्रमश्री/श्रम देवी के रूप में दिये जाएंगे।  मंत्रालय के अनुसार कुछ पुरस्कारों को श्रमिकों के समूह को दिये जाने हैं। जिन 40 श्रमिकों को सम्मानित किया जाना है उनमें 23 सार्वजनिक क्षेत्र तथा 17 निजी क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हैं।
भिलाई स्टील प्लांट श्रम श्री पुरस्कार
मंत्रालय के अनुसार सेल के भिलाई स्टील प्लांट के छह कर्मचारियों को समूह के रूप में श्रम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें भिलाई स्टील प्लांट के शिव बहादुर सिंह, शैलादित्या मजूमदार, प्रवीण व्यावहारे, हेमंत कुमार साहू, राजेश सिंह व रामवतार को श्रम श्री पुरस्कार के रूप में 40 हजार रुपये नकद और ‘सनद’ प्रदान की जाएगी। इस श्रेणी में 16 पुरस्कार दिये जाएंगे। इसके अलावा चार श्रम भूषण पुरस्कार के लिए एक-एक लाख रुपये नकद व सनद देकर सम्मानित किया जाएगा, जिसमें तीन महिला श्रमिक भी शामिल हैं। जबकि श्रम वीर/श्रम वीरंगाना के लिए दिये जाने वाले 12 पुरस्कारों में 60-60 हजार रुपये नकद व सनद देकर सम्मानित किया जाएगा।
21Dec-2018

संसद में नहीं टूटा सरकार व विपक्ष का गतिरोध


राज्यसभा की कार्यवाही ठप, लोकसभा में पारित हुआ बिल 
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
संसद के दोनों सदनों में शीतकालीन सत्र के छठें दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ और राफेल, कावेरी, आंध्र प्रदेश जैसे विभिन्न मुद्दो पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद पूरे दिन के लिए स्थगित हो गई। जबकि लोकसभा में हंगामे के बीच चर्चा के बाद ‘सरोगेसी (विनियमन) विधेयक को पास कराया गया।
संसद में विपक्ष और सरकार के बीच खासकर राफेल मुद्दे पर लेकर जारी घमासान के कारण बुधवार को भी राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी दलों ने हंगामा कर कार्यवाही को बाधित किया। इस हंगामे क कारण राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके कारण राज्यसभा में लगातार प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं हो सका। जबकि सरकार की ओर से संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल कांग्रेस और विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील के साथ यह कहते नजर आए कि सरकार राफेल समेत तमाम जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। इसके बावजूद राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया तो सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान छह दिन की कार्यवाही पूरी तरह से ठप है और हंगामे के कारण लोकसभा व राज्यसभा में प्रश्नकाल व शून्यकाल लगातार बाधित हो रहे हैं।
लोकसभा में हंगामे के बीच सरोगेसी बिल पास
उधर लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ही दो बजे शुरू हुई कार्यवाही के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा पेश किये गये सरोगेसी रेग्युलेशन बिल को चर्चा के बाद पारित करा लिया गया। इससे पहले लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के कुछ सांसद आसन के करीब आकर विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा करने लगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राफेल पर जेपीसी जांच की मांग को दोहराया।
21Dec-2018

अब डिजीलॉकर में रखे जा सकेंगे वाहन दस्तावेज



नई दिल्ली।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया यानि एसओपी जारी की है। इस प्रक्रिया के तहत वाहन मालिकों को अब पंजीकरण प्रमाण-पत्र, बीमा, फिटनेस एवं परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और अन्य संबंधित दस्‍तावेजों को साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि जरूत पड़ने पर दस्तावेज इलेक्‍ट्रॉनिक रूप में प्रस्‍तुत किये जा सकेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार वाहन मालिकों को अब इन दस्‍तावेजों को कागजी रूप में लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया के तहत अब दस्तावेज इलेक्‍ट्रॉनिक रूप में प्रस्तुत किये जा सकेंगे। मसलन मैग्‍नेटिक, ऑप्‍टि‍कल, कम्‍प्‍यूटर मेमोरी, माइक्रो फिल्म, माइक्रोफिच और ऐसे ही अन्य उपकरणों में दस्‍तावेज भेजने, ग्रहण करने या जमा करने की अनुमति दी जा रही है। इसके लिए मंत्रालय ने सभी राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को एसओपी संबन्धी भेजे पत्र में आग्रह किया है कि केन्‍द्रीय मोटर वाहन नियम-1989 के प्रावधान नियम 139 के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अपनाया जा सकता है।
एप के जरिए हो सकेगी दस्तावेजों की जांच
इस प्रक्रिया के तहत वाहन मालिक अब डिजीलॉकर एप या एम-परिवहन एप के जरिए कोई दस्‍तावेज या अन्य सूचना प्रस्‍तुत कर सकते हैं। वे इन एप के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर अपने मोबाइल में रख सकते हैं। वाहन मालिक इंटरनेट कनेक्टिविटी के जरिए मोबाइल पर एम-परिवहन एप के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन से जुड़ी सूचनाएं दिखा सकते हैं। प्रवर्तन एजेंसिया ई-चालान एप से उसी समय इन जानकारियों की जांच कर सकती हैं। इसमें ऑफलाइन जांच के लिए एम-परिवहन क्‍यूआर कोड भी उपलब्ध है।
यह होगा लाभ
मंत्रालय की इस पहल से प्रवर्तन एजेंसियों को दस्‍तावेजों की जांच और उनके रख-रखाव की झंझटों से जहां मुक्ति मिलेगी, वहीं आम लोगों को भी दस्‍तावेज लेकर चलने की मजबूरी से छूट मिल जाएगी। इस तीव्र, पारदर्शी और जवाबदेह व्‍यवस्‍था से नियमों के उल्‍लंघन की वास्‍तविक स्थिति‍ की उपलब्‍धता परिवहन, यातायात अधिकारियों और नागरिकों को मिलना सुनिश्चित हो जाएगा। इस संदर्भ में केन्‍द्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में संशोधन की अधिसूचना पिछले महीने जारी की गई थी।
19Dec-2018