मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

सड़क हादसों में कमी, पर मौतों का आंकड़ा बढ़ा

नया मोटर कानून लागू होने के बाद राज्यसभा में बोली सरकार
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने माना है कि गत सितंबर में नया मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद भी सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा कम नहीं हुआ है।
जबकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी देखी गई है।
राज्यसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान सपा सांसद रेवती रमन द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में 26 राज्यों और पांच संघशासित प्रदेशों में सड़क सुरक्षा पर उच्चतम न्यायालय समिति से मिले आंकड़ो का हवाला देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सितंबर में देशभर में सख्त प्रावधान वाले नया मोटर वाहन कानून को लागू किया गया है, लेकिन समिति से मिले आंकड़ो के अनुसार वर्ष 2018 में जनवरी से सितंबर यानि नौ माह की तुलना में वर्ष 2019 के जनवरी से सितंबर तक देश में सड़क हादसों में 2.2 फीसदी की कमी आई है, लेकिन सड़क हादसों में हुई मौतों की संख्या 0.2 फीसदी बढ़ी है। मसलन जनवरी-सितंबर 2018 के दौरान 3.46 लाख 806 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 1.12 लाख 469 लोगों की मौत हुई और 3.55 लाख 042 घायल हुए। इसकी तुलना में वर्ष 2019 में जनवरी से सितंबर तक 3.39 लाख सड़क हादसे हुए, जिनमें 1.12 लाख 735 मौतें और 3.45 लाख 067 लोग घायल हुए हैं। यानि 7671 सड़क दुर्घनाएं कम हुई, जबकि 266 लोगों की अधिक मौत सामने आई है, जबकि घायलों की संख्या में भी 9975 की कमी दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ में दुघर्टनाओं से ज्यादा हुई मौतें
केंद्रीय सड़क मंत्रालय के इन आंकड़ो के मुताबिक जनवरी-सितंबर 2018 के मुकाबले जनवरी-सितंबर 2019 के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क हादसों में 2.0 फीसदी तथा मौतों की संख्या में 12.8 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। मसलन छत्तीसगढ़ में पिछले साल के नौ माह में 10525 सड़क हादसों में 3337 लोगों की मौत और 9534 लोग घायल हुए थे, जबकि इस अवधिक में इस साल के पहले नौ माह में 10731 सड़क हादसों में 3764 लोगों की मौतें हुई और 10411 लोग घायल हुए। जबकि मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 1.6 फीसदी की कमी आई, लेकिन मौतों की सख्यां में 1.8 फीसदी इजाफा हुआ है, जबकि घायलों की संख्या में 213 की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार हरियाणा में इस पिछले साल के तुलनात्मक सड़क हादसों में 4.5 फीसदी और हादसों में हुई मौतों में 3.6 फीसदी की कमी आई है, वहीं घायलों की संख्या में 425 की कमी सामने आई है।
सड़कों के डिजाइन बदलने की योजना
इस दौरान गडकरी ने पूरक सवालों के जवाब में इसका प्रमुख कारण सड़क इंजीनियरिंग संबंधी खामियों को दूर करने के लिए किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी। उन्होंने सदन को बताया कि सड़क इंजीनियरिंग में सुधार और सड़क हादसों वाले ब्लैक स्पॉट की पहचान कर एनएचएआई इन्हें दुरस्त करने की दिशा में 7-7 हजार करोड़ रुपये की परियोजनायें विश्व बैंक और एशिया विकास बैंक (एडीबी) को सौंपी है। 
03Dec-2019

राज्यसभा ने भी लगाई ई-सिगरेट विधेयक पर मुहर


देश में राष्ट्रपति की मुहर लगते ही लागू होगा कानून
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
देश में ई-सिगरेट को प्रतिबंधित करने वाले ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) प्रतिषेध विधेयक को राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी है।
राज्यसभा में पिछले सप्ताह पेश किये गये ई सिगरेट विधेयक पर अधूरी चर्चा को सोमवार में पूरा किया गया और देर शाम को इस चर्चा का केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन द्वारा दिये गये जवाब के बाद इस विधेयक को उच्च सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया, जिसे पिछले सप्ताह लोकसभा से मंजूरी मिल गई थी। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद देशभर में लागू कर ई-सिगरेट को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इससे पहले अपने जवाब में केंद्रीय मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने कहा कि ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) प्रतिषेध विधेयक के जरिए दुनिया की तमाम अग्रणी तंबाकू कंपनियों के भारत में युवाओं और किशोरों को लक्षित करके ई सिगरेट उत्पाद उतारने की तैयारी को रोका जाएगा। हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों के औचक निरीक्षण में बच्चों के बैग से ई सिगरेट के इस्तेमाल में काम आने वाले 150 वेपिंग डिवाइस पाए गए थे। उन्होंने तंबाकू कंपनियों के दबाव में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के विपक्षी दलों के सदस्यों की शंकाओं को भी दूर करते हुए कहा कि सरकार ने यह फैसला किया है और सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। सिगरेट, बीड़ी की तुलना में ई सिगरेट के कम नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने ज्ञी ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था।
विधेयक के ये हैं खास प्रावधान
ई-सिगरेट विधेयक के प्रावधानों के अनुसार इस कानून का उल्लंघन करने पर पहली बार अपराध के मामले में एक वर्ष तक कैद अथवा एक लाख रुपए तक जुर्माना अथवा दोनों और अगले अपराध के लिए तीन वर्ष तक कैद और पांच लाख रुपए तक जुर्माना अथवा दोनों लगाया जा सकता है। विधेयक के प्रावधानों के तहत ई-सिगरेट का भंडारण भी दंडनीय है, जिसमें छह महीने तक की सजा या 50 हजार रूपये तक जुर्माना अथवा दोनों भुगतना पड़ सकता है। वहीं उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य से यह प्रदर्शित होता है कि ई-सिगरेट का उपयोग सक्रिय उपयोगकर्ता के लिये जोखिम को देखते हुए विधेयक में प्रावधान किया गया है कि इसमें प्राधिकृत अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों के पैकेज रखे जाने वाले परिसर में प्रवेश करने और तलाशी लेने तथा ऐसे स्टाक को जब्त करने का अधिकार होगा।
03Dec-2019

आस्ट्रेलिया में होगा अगला 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव'


हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया ऐलान
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश से बाहर इस बार 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव' का आयोजन 20 मार्च से 22 मार्च तक आस्ट्रेलिया में किया जाएगा।
यह ऐलान रविवार को यहां लालकिला मैदान पर 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव,2019' के संदर्भ में आयोजित 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इसी साल गत फरवरी में मारिशस व अगस्त में यूनाइटेड किंगडम में 'अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव' आयोजित किए गए। इस बार वर्ष 2020 में 20 मार्च से 22 मार्च  तक आस्ट्रेलिया में' अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'कुरुक्षेत्र' को 'दिव्य व भव्य  कुरुक्षेत्र' के रूप में अंतराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। धर्मक्षेत्र 'कुरुक्षेत्र' के 48 कोस के  प्राचीन क्षेत्र में स्थित महाभारत कालीन तीर्थ स्थलों को क्रमबद्ध रूप से विकसित किया जा रहा है। प्राचीन सरस्वती नदी के उद्गम स्थल व प्रवाह मार्ग पर स्थित प्राचीन धार्मिक स्थलों का भी जीर्णोद्धार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम के सहयोग से प्राचीन सरस्वती नदी के भूमिगत जल स्त्रोत से जल निकाल कर भूतल पर सरस्वती नदी के प्रवाह मार्ग में पुन जल प्रवाह किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र में बनेगा 'भारत माता मंदिर'
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में जीओ गीता द्वारा एक अनुसंधान केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में अनेक धार्मिक स्थल व धार्मिक केंद्र स्थापित हैं। विभिन्न धार्मिक संस्थाओं द्वारा कुरुक्षेत्र में धार्मिक केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में पांच एकड क्षेत्र में एक 'भारत माता मंदिर' भी बनाया जाए। कुरुक्षेत्र में  सूर्यग्रहण के अवसर पर  व अन्य धार्मिक अवसरों श्रृद्धालुओं को बढती जा रही संख्या के दृष्टिगत वहां सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
ओम बिरला ने किया गीता का विमोचन
रविवार को यहां लाल किला मैदान में आयोजित 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गीता मनीषी  स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व ज्ञानानंद जी महाराज ने गीता जी का विमोचन किया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में गीता के प्रसार की दिशा में स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि गीता विश्व धरोहर है और गीता दर्शन सदैव प्रासंगिक है। गीता  ज्ञान सामान्य मानव जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। हमें अपने जीवन में गीता को  अपनाना चाहिए। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने कहा कि साधु-संतों व विद्वानों के संबोधन से सदैव श्रेष्ठ प्रेरणा मिलती है। केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में गर्भवती माताओं व बच्चों में कुपोषण की समस्या को नियंत्रित करने की दिशा में सेवा-सहयोग किए जाने का आह्वान किया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि पवित्र 'गीता' का दर्शन संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का स्त्रोत है। जबकि हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,योगगुरु बाबा रामदेव व मोरारी बापू ने 'गीता प्रेरणा महोत्सव, 2019' में अपने संदेश प्रषित किए।
गीता हमारी विरासत: भागवत
लाल किला मैदान में आयोजित 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' के मुख्यातिथि व राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि पवित्र 'गीता' हमारी विरासत है और विश्व में प्रसारित किए जाने की दिशा में प्रारंभ किए गए इस उपक्रम को विस्तारित करना है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि पवित्र 'गीता' को 'मानवता के लिए दिव्य प्रेरणा' व 'प्रत्येक क्षेत्र की व्यवहारिक पहचान' बताते हुए कहा कि गीता शिक्षा शास्त्र है, न्याय शास्त्र है, चिकित्सा शास्त्र है, मनोबल बढाने की प्रेरणा विशेषकर युवाओं के लिए तो संजीवनी है। ज्ञानानंद जी महाराज ने पवित्र 'गीता' को 'संस्कृति का आभूषण' की संज्ञा देते हुए विप्रजनों से अपने क्षेत्रों में पवित्र 'गीता' को  व्यावहारिक प्रेरणा बनाने का आह्वान किया। उनहोंने पवित्र 'गीता' को राजनीति क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बताया।
ऋतंभरा ने की सीएम की प्रशंसा
साध्वी ॠतंभरा जी ने अपने संबोधन में पवित्र 'गीता' के ज्ञान के प्रसार की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर किए जा रहे कार्यो के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज की प्रशंसा की। स्वामी परमात्मानंद जी महाराज ने पवित्र 'गीता' को भारत का नहीं अपितु संपूर्ण विश्व का ग्रंथ बताते हुए कहा कि विश्व में  हमारे धर्म को आस्था व श्रद्धा के रूप में देखा जाता है परंतु हमारा आधार ज्ञान है। हम विज्ञान से नहीं केवल ज्ञान से ही विश्व गुरू बन सकते हैं। स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि पवित्र गीता का चिंतन हमारी संस्कृति है और सभी तक  पवित्र 'गीता' का प्रकाश पहुंचाना ही हमारा उद्देश्य है।
इन हस्तियों ने भी की भागीदारी
प्रमुख ईमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि  'गीता' हमारा भारत है, धर्म है, हमारी मर्यादा है।दूसरों को अवसर देना हमारे धर्म है। हम भारतीय हैं और हमारा पैगाम है,"धर्म जोडता है, धर्म तोडता नहीं"। हमें भारत को मजबूत करना है। पटियाला(पंजाब) के बाबा भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हमने गीता को जीवन में ग्रहण करते हुए उसे जीना  है।हमारी प्राथमिकता  अध्यातम होनी  चाहिए। स्वामी राधवानंद नंद जी ने पवित्र 'गीता' को वास्तविक जीवन का मार्ग बताया। जैन मुनि आचार्य लोकेश ने कहा गीता पूरे विश्व की धरोहर है।जैन मुनि आचार्य विवेक ने कहा कि गीता हमें सभी कार्यों को योग के रूप में करने मार्ग दिखलाती है। राज्यसभा सांसद श्री जनार्दन द्विवेदी, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन व भाजपा के दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी अपना संबोधन किया।
नेत्रहीनों ने किया श्लोकों का उच्चारण
यहां नई दिल्ली में 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' के दौरान नेत्रहीन छात्राओं ने गीता के 18 अध्यायों से संकलित 18 श्लोकों का उच्चारण किया। मुस्लिम छात्रों ने गीता के 18 अध्यायों से संकलित 18 श्लोकों का उर्दू अनुवाद प्रस्तुत किया। 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' में विभिन्न देशों से काफी संख्या मेंआए भारतीयों ने भी भाग लिया। 'गीता प्रेरणा महोत्सव,2019' मे केंद्रीय जल शक्तिराज्य मंत्री रत्नलाल कटारिया,हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानानंद गुप्ता,सांसद अरविंद शर्मा, सांसद संजय भाटिया,सांसद श्रीमति सुनीता दुग्गल, हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा व विधायक नरेन्द्र गुप्ता भी मौजूद थे।
02Dec-2019

सोमवार को संसद में हंगामे के आसार!

दोनों सदनों में सुनाई देगी हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक गैंगरेप की गूंज?
राज्यसभा में ई-सिगरेट बिल पर चर्चा, एसपीजी विधेयक भी होगा पेश
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
सोमवार से संसद के शीतकालीन सत्र में तीसरे सप्ताह की कार्यवाही आरंभ होगी। इस सप्ताह में सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की चुनौती होगी। लेकिन सोमवार को संसद के दोनों सदनों में हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की गैंगरेप के बाद जलाकर हत्या की गूंज सुनाई देगी, जिसको लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही में हंगामा होने के आसार बने हुए है।
संसद के शीतकालीन सत्र में कल सोमवार को तीसरे सप्ताह के लिए लोकसभा में पारित हुए ई-सिगरेट विधेयक, एसपीजी विधेयक और दादरा और नागर हवेली को विलय करने वाले विधेयक सूचीबद्ध किये गये हैं, जिसमें ई-सिगरेट संबन्धी विधेयक पर अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया जाना है। जबकि लोकसभा में सोमवार को कराधान विधि (संशोधन) अध्यादेश को विधेयक के रूप में बदलने के लिए पेश किया जाएगा। जबकि आयुध (संशोधन) विधेयक को पेश करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही सरकार ने दोनों सदनों में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को भी सोमवार के एजेंडे में रखा है। इसके विपरीत पिछले सप्ताह हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की गैंगरेप के साथ हत्या और नई दिल्ली में इस गैंगरेप के विरोध में आवाज बुलंद करने वाली एक युवती के साथ दिल्ली पुलिस की बदसलूकी का मामले पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा होने के आसार बने हुए हैं। इस मामले का लेकर पहले से देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर इस जघन्य कांड के विरोध सुर्खियों में हैं और देश में राजनीति भी गरमाई हुई है। हालांकि तमाम राजनीतिक दल इस घटना की भर्त्सना और निंदा कर रहे हैं, लेकिन संसद के भीतर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दल कार्यस्थगन का नोटिस देकर चर्चा कराने की मांग कर सकते हैं, ऐसी संभावनाओं के बीच दोनों सदनों में हंगामा होने के आसार बने हुए हैं।  
संसद की तीन बिलों को मंजूरी
संसद के शीतकालीन सत्र की 18 नवंबर को शुरू हुई कार्यवाही के दौरान अब तक दो सप्ताह में केवल तीन विधेयक यानि चिटफंड(संशोधन) विधेयक, जलियावाला बाग राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट विधेयक और उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक ही ऐसे रहे हैं, जिन्हें संसद की मंजूरी मिली है। चिटफंड को छोड़कर राज्यसभा में बाकी दोनों बिल पिछले सत्र के दौरान लंबित रह गये थे। जहां तक इस सत्र का सवाल है उसमें केवल लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में आने के बाद मंजूरी मिली है। राज्यसभा में इन तीन विधेयकों के अलावा मौजूदा सत्र में लोकसभा ने पांच विधेयक पारित किये हैं। इनमें चिटफंड (संशोधन) विधेयक के अलावा ई-सिगरेट विधेयक, विशेष सुरक्षा ग्रुप (संशोधन) विधेयक, दिल्ली (संपत्ति की मान्यता) अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के अधिकार) विधेयक तथा दादरा और नागर हवेली ता दमन और द्वीप (संघ राज्यक्षेत्रों का विलयन) विधेयक पारित किये गये हैं।
इस सप्ताह का एजेंडा
संसद के शीतकालीन सत्र की तीसरे सप्ताह सोमवार से होने वाली कार्यवाही में लोकसभा में काराधान विधि (संशोधन) अध्यादेश को विधेयक के रूप में पारित कराने के अलावा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण विधेयक, पोत पुनर्चक्रण विधेयक, आयुध (संशोधन) विधेयक, जो दूसरे सप्ताह के कार्य में भी शामिल थे के अलावा एंटी मैरीटाइम पाइरेसी विधेयक को एजेंडे में शामिल किया गया है। जबकि राज्यसभा में इस सप्ताह
लोकसभा से पारित हो चुके दिल्ली (संपत्ति की मान्यता) अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के अधिकार) विधेयक, विशेष सुरक्षा ग्रुप (संशोधन) विधेयक, ई-सिगरेट विधेयक, दादरा और नागर हवेली ता दमन और द्वीप (संघ राज्यक्षेत्रों का विलयन) विधेयक, संविधान (अनुसूचित जनजाति) के आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक के अलावा लोकसभा से पारित होने वाले विधेयक लाने का प्रस्ताव है।
02Dec-2019