मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

सीमा से घुसपैठ से पहले कई बार सोचता है दुश्मन



सीमा सुरक्षा बल के 55वां स्थापना दिवस पर बोले गृह राज्यमंत्री राय                                     
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सीमा सुरक्षा बल यानि बीएसफ को देश की सीमाओं का सबसे बड़ा प्रहरी करार देते हुए कहा कि भारतीय सीमाओं खासकर भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ के जवानों के सामने घुसपैठ करने से पहले कई बार दुश्मन को सोचना पड़ता है, जहां बीएसएफ के जवान दुश्मनों को मुहंतोड़ जवाब दे रहे हैं।
नई दिल्ली स्थित छावला के सीमा सुरक्षा बल कैंप परिसर में रविवार को बीएसएफ के 55वें स्थापना दिवस पर आयोजित परेड के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बीएसएफ के जवानों के प्रयासों के चलते दुश्मनों को घुसपैठ या किसी अपराध को अंजाम देने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा नानक का करतारपुर साहिब कॉरिडोर सीमा सुरक्षा बल के अधीन पूरी तरह से सुरक्षित है। गृह राज्यमंत्री कहा कि सरकार इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि देश के जवानों की सुरक्षा के लिए आधुनिक टेक्नॉलोजी मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जवानों के रिटायरमेंट की आयु बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी है। वहीं जो जवान कश्मीर में तैनात हैं उन्हें जम्मू से दिल्ली की मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार जवानों को सालभर में सौ दिन उनको अपने परिवार से साथ बिताने के हरसंभव प्रयास कर रही है। वहीं सरकार की तरफ से वो सारे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि देश केन्द्रीय सशस्त्र बलों के जवानों को सभी सुविधाएं दी जा सके।
देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना ध्येय
इस मौके पर बीएसएफ के महानिदेशक विवेक कुमार जौहरी ने कहा कि सीमा के जरिए घुसपैठ की लगातार कोशिशों को बीएसएफ ने सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए घुसपैठ की घटनाओं से निपटने और उन्हें हैंडल करने के उपाय किए हैं। महानिदेशक जौहरी ने सीमा सुरक्षा बल के ऐतिहासिक पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि किस तरह 25 बटालियनों का यह दल आज 192 बटालियनों वाले विशाल सीमा प्रबंधन तंत्र के रूप में विकसित हो चुका है और किस प्रकार विभिन्न दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वाह करते हुए इस बल ने स्वयं को बहुआयामी बल के रूप में स्थापित किया है। महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल ने अपने संबोधन के दौरान बल की उपलब्धियों और नई पहलों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारियों का जिक्र करते हुए राष्ट्र की सीमाओं को सुरक्षित व अभेद्य बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
विश्व का सबसे बड़ा बल
देश की 6386.36 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करने वाले विश्व के सबसे बड़े सीमा रक्षक बल सीमा सुरक्षा बल की स्थापना भारत-पाक और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा हेतु 01 दिसंबर 1965 को हुई थी, जो आज विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है और वर्तमान समय में ढ़ाई लाख से अधिक सदस्यों की विशाल और समर्थ जनशक्ति से लैस है। यह बल ना सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा में प्रवीण हैए अपितु आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों के निष्पादन में भी इसे महारत हासिल है।
शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि
सीमा सुरक्षा बल सहित देश के विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सदस्यों व उनके परिजनों की भारी उपस्थिति वाली इस परेड में पधारने से पूर्व मुख्य अतिथि महोदय सर्वप्रथम छावला स्थित सीमा सुरक्षा बल के ‘शहीद स्मारक’ पर गये और अमर बलिदानी वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं समारोह में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने सीमा सुरक्षा बल को 04 वीरता के के लिए पुलिस पदक, 11 सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, 03 सेवानिवृत्त कार्मिकों सहित व सीमा सुरक्षा बल में उत्कृष्ट कार्यक्षमता के लिए दी जाने वाली बहुप्रतिक्षित जनरल चौधरी ट्राफी से 74 बटालियन के कमांडेंट कमल कुमार को विभूषित किया। जबकि प्रशिक्षण व खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दी जाने वाली अश्वनी कुमार ट्राफी गुजरात फ्रंटियर को मिली जिसे फ्रंटियर के महानिरीक्षकए जीएस मलिक ने ग्रहण किया। इस मौके पर माननीय मुख्य अतिथि महोदय ने बल की वार्षिक  पत्रिका ‘बोर्डरमैन’ का भी विमोचन किया।
02Dec-2019

राग दरबार


व्यापारियों को भी मिलेगा पेंशन स्कीम का लाभ


स्कीमों में नामांकन हेतु आज से शुरू हुए पेंशन स्प्ताह
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की पेंशन स्कीम पीएम-एसवाईएम की तर्ज पर व्यापारियों और स्वनियोजितों के लिए भी राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस-ट्रेडर्स) में ज्यादा से ज्यादा नामांकन हेतु शनिवार से राष्ट्रव्यापी पेंशन सप्ताह शुरू किया गया है।
नई दिल्ली में शनिवार को राष्ट्रीय स्तर के पेंशन सप्ताह शुरू करने के लिए आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि उनके केंद्र सरकार ने असंगठित श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) और व्यापा‎रियों एवं स्व‎नियो‎जित व्य‎क्तियों के ‎लिए राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस-ट्रेडर्स) को अ‎धिसू‎चित ‎किया है।  इन स्कीमों के लिए ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराने के मकसद से उनके मंत्रालय ने 30 नवंबर से 6 ‎दिसंबर के बीच पेंशन सप्ताह मनाने का ‎निर्णय ‎लिया है। पेंशन सप्ताह के तहत इस अभियान में मंत्रालय ने पीएम-एसवाईएम के तहत एक करोड़ तथा एनपीएस-ट्रेडर्स के तहत 50 लाख पंजीकरण का लक्ष्य तय किया हे
उन्होंने कहा ‎कि केंद्र सरकार ने इन दोनों पेंशन स्कीमों को अधिसूचित करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की पहल की है। सरकार की पीएम-एसवाईएम स्कीम 15 हजार रुपये तक की मा‎सिक आय वाले असंग‎ठित कामगारों के ‎लिए है जिसके लिए 15 फरवरी 2019 से नामांकन शुरू ‎किए गए, जिसमें एक करोड़ पंजीकरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार ने व्यापा‎रियों एवं स्व‎नियो‎जित व्य‎क्तियों के ‎लिए राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस-ट्रेडर्स) को लागू किया, जिसका लाभ ऐसे  व्यापा‎रियों, दुकानदारों तथा स्व-‎नियो‎जित व्य‎क्तियों को मिलेगा, जिनकी वा‎र्षिक आय 1.5 करोड़ रुपये तक है। इस स्कीम का उद्देश्य 18-40 वर्ष के आयु समूह के लगभग 3 करोड़ व्यापा‎रियों, दुकानदारों तथा स्व-‎नियो‎जित व्य‎क्तियों को सामा‎जिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराना है।
कॉमन स‎र्विस सेंटरों को प्रोत्साहन
समारोह में केंद्रीय मंत्री गंगवार ने इस बात पर जोर ‎दिया ‎कि जो कॉमन स‎र्विस सेंटर पेंशन सप्ताह के दौरान 100 से अ‎धिक व्य‎क्तियों का नामांकन करेंगे, उन्हें केंद्र सरकार से अ‎तिरिक्त प्रोत्साहन ‎मिलेगा। इस प्रोत्साहन में से सीएससी-एसपीवी ‎अपना हिस्सा नहीं लेंगे और पूरी रा‎शि संबं‎धित वीएलई/सीएससी को दे दी जाएगी। इस पूरे कार्यक्रम का प्रसारण देश भर में फैले सभी 3.50 लाख कॉमन स‎र्विस सेंटरों में ‎किया गया। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार स‎चिव ने इन स्कीमों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकारों के साथ-साथ उनके जिला स्तर के अ‎धिका‎रियों को सप्ताह के दौरान अ‎धिक से अ‎धिक संख्या में लाभा‎र्थियों का नामांकन करने का प्रयास करना चा‎हिए। उन्होंने पेंशन सप्ताह के दौरान राज्य स्तर पर समारोह आयो‎जित करने और व्यापक अ‎भियान चलाने के ‎‎लिए राज्य और संघ राज्य सरकारों के ‎मुख्य स‎चिवों और प्रधान स‎चिवों के प्रयासों की सराहना की।
पेंशन स्कीमों का सरलीकरण
केंद्रीय श्रम मंत्री गंगवार ने कहा कि मंत्रालय ने कहा ‎कि दोनों पेंशन स्कीमें सरल और आसान हैं। नामांकन कराने के ‎‎लिए केवल आधार और बचत बैंक और जनधन खाते की जरूरत होती है। इन स्कीमों में अपना नामांकन कराने में केवल दो-तीन ‎मिनट लगते हैं। इस स्कीम में मा‎सिक अंशदान काफी कम रखा गया है, जो अ‎‎भिदाता की प्रवेश आयु के आधार पर 55 रुपये से 200 रुपये के बीच होगा। य‎दि ‎किसी व्य‎क्ति की आयु 30 वर्ष है तो उसका मा‎सिक अंशदान लगभग 100 रुपये प्र‎तिमाह होगा। इस तरह उसे हर वर्ष केवल 1200 रुपये और पूरी अंशदान अव‎धि में 36 हजार रुपये का अंशदान करना होगा। ले‎किन 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के बाद उसे पेंशन के रूप में हर वर्ष 36 हजार रुपये ‎मिलेंगे। जीवन ता‎लिका में यह स्पष्ट रूप से ‎दिखाया गया है ‎कि य‎दि कोई व्य‎क्ति 60 वर्ष का हो जाता है तो उसके 80 वर्ष की आयु तक ‎जी‎वित रहने की संभावना होती है। इस तरह से उसे हर वर्ष 36,000/- रुपये की पेंशन ‎मिलेगी। उसकी मृत्यु के बाद उसकी प‎त्नी या प‎ति को पेंशन का 50 प्र‎‎तिशत अर्थात 1500/- रुपये हर महीने ‎मिलेंगे। य‎दि प‎ति और पत्नी दोनों पात्र हैं तो वे स्कीम में अलग-अलग शा‎मिल हो सकते हैं और 60 वर्ष की आयु के बाद उन्हें पेंशन के रूप में हर महीने 6000/- रुपये ‎मिलेंगे जो वृद्धावस्था में उनकी दै‎निक जरूरतों को पूरा करने में पर्याप्त होंगे। य‎दि पेंशन अव‎धि में उनमें से ‎किसी एक की मृत्यु हो जाती है तो प‎ति या पत्नी को पेंशन के रूप में 4500/- रुपये हर महीने ‎मिलेंगे (3,000/- रुपये अपने और 1500/- रुपये अपनी पत्नी या प‎ति के)। माननीय मंत्री महोदय ने यह भी उल्लेख ‎किया ‎कि पेंशन सप्ताह के दौरान राज्य सरकारों के साथ-साथ ‎जिला स्तर के अ‎धिका‎रियों को लोगों को इस बारे में संवेदनशील करने का प्रयास करना और उन्हें इन पेंशन स्कीमों में कवर करना चा‎हिए। इस समय लगभग 10 करोड़ आयुष्मान लाभार्थी, 11 करोड़ मनरेगा कामगार, 4-5 करोड़ बीओसी कामगार, 2.5 करोड़ स्वयं सहायता समूह सदस्य, 40 लाख आंगनबाड़ी कामगार और 10 लाख आशा कामगार हैं। इनमें से पात्र व्य‎‎क्ति इन स्कीमों में आसानी से शा‎मिल हो सकते हैं। इस कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट देश भर में फैले सभी कॉमन स‎र्विस सेंटरों में ‎किया गया। इसके अलावा राज्य सरकारों के समन्वय से राष्ट्रव्यापी स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अ‎भियान भी चलाए जा रहे हैं।  
01Dec-2019