पहले चरण के मतदान से पहले ही 1413 मामले दर्ज
करोड़ों की नकदी, हथियार व शराब जब्त
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
बिहार
में पांच चरणों में कराए जा रहे विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से अभी तक
राज्य में चुनाव आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के पिछले सभी रिकार्ड भंग हो
गये हैं। राज्य में अभी पहले चरण का मतदान भी नहीं हो पाया, लेकिन राज्य
में अबतक 1413 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
केंद्रीय चुनाव आयोग
के प्रवक्ता ने राज्य चुनाव आयोग के हवाले से आई रिपोर्ट का हवाला देते हुए
बताया कि सोमवार को बिहार में इससे पहले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में
कुल 1059 और 2010 में विधानसभा चुनाव में 1185 मामले दर्ज किए गए थे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में चलाए जा
रहे विशेष अभियान के तहत सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों पर लगाए गए पोस्टर
एवं दीवार लेखन के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए हैं। बिना अनुमति के लगे
पोस्टर को हटाने की कार्रवाई भी चुनाव आयोग कर रहा है। चुनाव आयोग के
दिशानिर्देशों के मुताबिक नामांकन दाखिल करने के दौरान निर्वाचन पदाधिकारी
के कार्यालय में अधिकतम पांच समर्थक प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन कोई भी दल
या प्रत्याशी इस नियम का पालन करने में नाकाम हैं, इस संबन्ध में भी
ज्यादातर जिलों में मामले दर्ज किये गये हैं। यही नहीं चुनाव आयोग की टीमें
की जारी निगरानी में कई स्थानों पर तीन से अधिक वाहन लेकर नामांकन केंद्र
पर पहुंचने को भी आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए मामले दर्ज हुए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में आईपीसी की विभिन्न
धाराओं के तहत दर्ज मामलों की पुलिस जांच करके अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश
करेगी, जिसमें अंतिम निर्णय चुनाव आयोग के बजाए अदालतों का होगा। अभी तक
520 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किये जा चुके हैं।
