गुरुवार, 22 अगस्त 2019

रेलवे ने भी प्लास्टिक पर रोक लगाने को कसी कमर


रेल मंत्रालय ने रेलवे की सभी यूनिटों को जारी किये निर्देश
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
देश में एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक पर रोक लगाने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के आह्वान के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने भी इस दिशा में कमर कसते हुए सभी रेलवे इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे दो अक्टूबर से 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक सामग्री के एकल-उपयोग पर प्रतिबंध लगा दें।  
रेल मंत्रालय के अनुसार दो अक्टूबर से 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक सामग्री के एकल-उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए रेलवे की ईकाईयों को जारी आदेशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये हैं, ताकि प्लास्टिक कचरे का उत्पादन कम हो सके और इसका पर्यावरण के अनुकूल निपटान हो सके। इन आदेशों के मुताबिक प्‍लास्टिक का उपयोग कम करने के उद्देश्‍य से भारतीय रेलवे के वेंडरों और कर्मचारियों को पुन: उपयोग में लाये जाने वाले बैग का इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा और 2 अक्‍टूबर को प्‍लास्टिक के उपयोग में कमी लाने की शपथ दिलाई जाएगी। रेलवे द्वारा प्‍लास्टिक के कचरे के सृजन को न्‍यूनतम स्‍तर पर लाने और इसके पर्यावरण अनुकूल निपटारे की व्‍यवस्‍था करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रेलवे द्वारा प्‍लास्टिक की बोतलों को पूरी तरह तोड़ देने वाली मशीनें जल्‍द से जल्‍द उपलब्‍ध कराने का भी निर्णय लिया है। रेलवे ने इन निर्देशों पर कड़ाई से पालन 02 अक्‍टूबर, 2019 से किया जाएगा, ताकि सभी संबंधित लोगों को ‘प्‍लास्टिक मुक्‍त भारत’ सुनिश्चित करने हेतु पूरी तैयारी करने के लिए पर्याप्‍त समय मिल सके। इसके अलावा रेलवे की सुविधाओं का उपयोग करने वालों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) संबंधी उपाय अपनाने का भी निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले लोक सभा सचिवालय ने संसद भवन परिसर में फिर से काम में न आने वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों और प्लास्टिक के अन्य सामान के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई है।
क्या है रेलवे के दिशानिर्देश
रेल मंत्रालय के जारी इन आदेशों में एकल या एकबारगी उपयोग वाली प्‍लास्टिक सामग्री पर प्रतिबंध लगाने के अलावा सभी रेलवे वेंडरों को प्‍लास्टिक के बैग का उपयोग करने से बचने की बात कही गई है। रेलवे ने आदेश में कहा कि कर्मचारियों को प्‍लास्टिक उत्‍पादों का उपयोग कम करने, प्‍लास्टिक उत्‍पादों की रिसाइक्लिंग कर इसका फिर से इस्‍तेमाल करने के साथ उपयोग में लाए जा सकने वाले सस्‍ते बैगों का उपयोग करने पर बल दिया है। इसके लिए आईआरसीटीसी विस्‍तारित उत्‍पादक जिम्‍मेदारी के हिस्‍से के रूप में प्‍लास्टिक की पेयजल वाली बोतलों को लौटाने की व्‍यवस्‍था लागू करेगा। रेलवे द्वारा प्‍लास्टिक की बोतलों को पूरी तरह तोड़ देने वाली मशीनें जल्‍द से जल्‍द उपलब्‍ध कराने का भी निर्णय लिया है।
रेल मंत्रालय ने रेलवे की सभी यूनिटों को यह निर्देश भी दिया है कि प्‍लास्टिक के उपयोग में कमी लाने की शपथ 02 अक्‍टूबर, 2019 को दिलाई जाएगी। इसके अलावा, रेलवे की सुविधाओं का उपयोग करने वालों (यूजर) के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) संबंधी उपाय अपनाए जाएंगे।
22Aug-2019

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