बुधवार, 26 मई 2021

बच्चों को कोरोना से सुरक्षित करने पर गंभीर प्रशासन

बाल देखरेख संस्थानों को दिये बच्चों की जांच कराने के आदेश हरिभूमि न्यूज.रोहतक। कोरोना महामारी के मद्देनजर बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए उपायों एवं सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके लिए बच्चों की जांच कराने के आदेश दिये गये हैं जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने शुक्रवार को बच्चों की सुरक्षा हेतू कोविड-19 महामारी से बचाव हेतू किए जा रहे उपायों एवं सुविधाओं हेतू अधिकारियों की एक बैठक ली। इस बैठक में बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए उपायों एवं सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श के बाद सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गये कि सभी बच्चों को मास्क, सेनेटाइजर भी समय-समय पर वितरित किए जाए। उपायुक्त ने सभी बच्चों की कोविड जांच करवाने के लिए भी आदेश दिये। इस संबन्ध में सीएमओ को निर्देश दिए गये कि वह तत्काल प्रभाव से सभी बच्चों की कोरोना जांच करना सुनिश्चित करें। उन्होंने महिला आश्रम व आगंनवाडीयों में पर्याप्त राशन पहुचानें के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए ताकि किसी भी परिवार को कोई परेशानी न हो। ---------- जिले के तीन केंद्रों में 70 बच्चे------------ बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी बिमलेश कुमारी ने कहा कि जिले में कुल तीन बाल देखरेख संस्थाएं जगन्नाथ आश्रम, बाल भवन, चौ. लखीराम आर्य जगन्नाथ आश्रम व जन सेवा संस्थान कार्य कर रही हैं। इन तीनों संस्थाओं में कुल 70 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें से 7 लडकियां 18 से कम उम्र की जगन्नाथ आश्रम बाल भवन में रह रही हैं। प्रत्येक संस्थान का साप्ताहिक निरीक्षण अधिकारियो की ओर से किया जाता है। यदि कोई बच्चा कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो उसके लिए सभी संस्थाओं में पूर्ण तैयारी कर ली गई है। जिसके तहत हर संस्थान में एक कोविड वार्ड तैयार किया गया है। जिसमें बच्चों की संख्या के अनुसार बेड लगाए गए है और उनमें रोशनी एवं पंखों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई हैं। यदि किसी भी बच्चे को जिसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है वह चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन करके अपनी सुरक्षा की मांग कर सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि संस्थाओं में विभाग की ओर से भेजी जा रही प्रचार सामग्री को भी सही समय पर संस्थाओं में भेजकर बच्चों को जागरूक किया जाए।इस दौरान सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन आशा, बाल भवन की अधीक्षक शीला, सरंक्षण अधिकारी पूनम एवं बाल भवन से जिला बाल कल्याण अधिकारी सोमदत उपस्थित थे। 15May-2021

कोरोना नियंत्रण में टी-थ्री पॉलिसी पर सख्त प्रशासन

स्वास्थ्य जांच प्रकिया की निगरानी करेगी समिति हरिभूमि न्यूज.रोहतक। जिला में कोरोना संक्रमण को रोकने की दिशा में कोविड प्रबंधन को दुरस्त बनाए रखने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार एक्शन मोड पर है। मसलन जिला प्रशासन ने जहां आम लोगों की स्वस्थ्य एवं कोरोना लक्षणों की जांच प्रक्रिया में टी-थ्री पॉलिसी की अनिवार्यता को सुनिश्चित करने के लिए उनकी निगरानी के लिए समितियों का गठन किया है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कोविड परिदृश्य के मद्देनजर कोरोना लक्षणों की जांच में अनिवार्य किये गये टी-थ्री पॉलिसी अर्थात टॉक, टेस्ट एवं ट्रीट अपनाने की दिशा में एक और सख्त कदम उठाया है। इसके लिए उपायुक्त ने बुधवार को हरियाणा विलेजिज जनरल हैल्थ चैकअप स्कीम के क्रियान्वयन के लिए गठित समिति में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि सिविल सर्जन समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति योजना के प्रावधान के अनुसार कार्य करके 12 घंटों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रोहतक, महम व सांपला के उपमंडलाधीश तथा जिला में तैनात सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि कि इस समिति का गठन करने का उद्देश्य यह है कि वर्तमान में केवल कोविड महामारी की जांच करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि सभी ग्रामवासियों की सामान्य जांच करनी होगी। दानदाताओं से संपर्क करेगी समिति जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने जिला राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित करने के आदेश जारी किये है। यह समिति कोविड-19 के दौरान विभिन्न राहत सामग्री, पल्स ऑक्सीमीटर एवं कोविड दवाईयां खरीदने के लिए दान देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों से सम्पर्क करेगी, ताकि टी-थ्री पोलिसी को अनिवार्य किया जा सके। उपायुक्त द्वारा गठित समिति में जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक सदस्य सचिव, जिला रैडक्रास सोसायटी के सचिव तथा उप सिविल सर्जन समिति के सदस्य होंगे। दान में प्राप्त होने वाली राशि को जिला रैडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित जिला कल्याण सोसायटी के खाते में जमा किया जायेगा। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए दान में आने वाली राशि का कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए कोविड दवाईयां, पल्स ऑक्सीमीटर तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। 13May-2021

अब खाद्य पदार्थो के दामों से ज्यादा वसूलने वालों की खैर नहीं!

जिला प्रशासन ने आवश्यक पदार्थों के निर्धारित की दरें हरिभूमि न्यूज.रोहतक। जिला में कोरोना काल के इस संकट में आवश्यक खाद्य पदार्थो की निर्धारित दरों से ज्यादा वसूलने या तौल घटती करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने खासतौर से कम से कम 22 खाद्य पदार्थो के दामों को निर्धारित करने के आदेश जारी किये हैं। जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर जनहित में आवश्यक खाद्य पदार्थों की दरे निर्धारित करने के आदेश जारी किये हैं। इन जारी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जायेगी। मसलन यदि कोई कोई दुकानदार उपभोक्ता से किसी वस्तु की निर्धारित दरों से अधिक दरें वसूलता है या किसी वस्तु का वजन कम देता है, तो उपभोक्ता की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए जारी आदेशों के तहत रोहतक के सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के मोबाइल नम्बर 9992328482, महम के सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के नम्बर 9992674548 तथा रोहतक के विधिक मापतौल विभाग के निरीक्षक के मोबाइल नम्बर 8837786243 पर अपनी शिकायत की जा सकती है। जिला में आवश्यक खाद्य पदार्थो की निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:- खाद्य वस्तु का नाम थोक रेट परचून रेट रू. प्रति क्विंटल/लीटर प्रति किलोग्राम/लीटर चावल (परमल)- 2850 रुपये 30-32 रुपये गेंहू (पीबीडब्ल्यू-343) 2000 रुपये 21-22 रुपये गेंहू का आटा(खुला) 2200-2300 रुपये 23-25 रुपये चना दाल (सूखा) 6800 रुपये 70-72 रुपये मूंग साबुत 8500-10000 रुपये 90-102 रुपये उड़द दाल 9000-10000 रुपये 95-102 रुपये तुर/अरहर दाल 9500-10500 रुपये 100-107 रुपये मसूर साबुत(खजाना) 8000-8500 रुपये 85-90 रुपये चीनी (एम-30) 3700 रुपये 38-39 रुपये मूंगफली तेल(गिनी) 2700 रुपये 180 रुपये सोया तेल (गिनी) 2325 रुपये 155 रुपये सरसों तेल (शहनाई) 2200-2300 रुपये 155-160 रुपये सूरजमुखी तेल(फोच्र्यून) 2450-2500 रुपये 163-167 रुपये वनस्पति (गगन) 1950-2000 रुपये 133-135 रुपये पाम ऑयल (गिनी) 2000 रुपये 130 रुपये चाय (खुली) 26000-30000 रुपये 280-310 रुपये आलू (स्थानीय) 1200-1400 रुपये 14-16 रुपये टमाटर (देशी) 1400-1600 रुपये 15-17 रुपये प्याज (स्थानीय) 1600-1700 रुपये 17-20 रुपये नमक (आयोडिन पैक्ड) 1800-1900 रुपये 20 रुपये गुड़ (देशी) 3600-3700 रुपये 38-39 रुपये दूध (वीटा) 5400 रुपये 56 रुपये ----------------------------------------------------- 12May-2021

बच्चों के सपनों को पंख लगाएगी बाल कल्याण परिषद

17 मई से शुरू होगा राज्य बाल कल्याण परिषद का ऑनलाइन शिविर हरिभूमि न्यूज.रोहतक। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद प्रदेश में बाल कल्याण की दिशा में जल्द ही एक ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित कर रही है, जिसमें कोरोना महामारी के संकट के दौर में अपने घरो में कैद बच्चों को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिसमें बच्चे अकेलापन महसूस करने के बजाए अपने सपनों को नया आयाम दे सकेंगे। परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने सभी मंडल बाल कल्याण अधिकारियों और जिला बाल कल्याण अधिकारियों की ऑनलाइन मीटिंग में सभी अधिकारियों से सुझाव लिए और सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रदेश में कोरोना संकट के दौरान जब हर कोई अपने घरों में रहने को मजबूर है और बच्चे घरों में अकेलापन महसूस कर रहे हैं। ऐसे में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद बाल कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ा मंच प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में 17 मई से 6 जून के बीच ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन शिविर 2021 का आयोजन करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परिषद द्वारा आयोजित किया जा रहा ग्रीष्मकालीन शिविर 2021 का आयोजन ऑनलाइन होगा। इसके माध्यम से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ बच्चों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा और सप्ताहांत में उन्हीं विषयों को लेकर बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ साथ शारीरिक रूप से मजबूती के लिए ऑनलाइन माध्यम के द्वारा ही सूर्य नमस्कार का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी। इसीलिए ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उन्हें परिषद ऑनलाइन माध्यम से बच्चों के सपनों को उड़ान देने के लिए बड़ा मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि परिषद संकट की इस स्थिति के दौरान स्लम बस्तियों में सेफ्टी किट वितरित करेगी और लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य बाल कल्याण के कार्य व गतिविधियों को प्रदेश के हर उस बच्चे तक पहुंचाना है, जिसमें प्रतिभा है लेकिन वह संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाता। मसलन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से घर बैठे अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन शिविर में विशेषज्ञ बच्चों को कोविड-19 में सकारात्मक विचारों की जागरूकता, कोविड-19 वैक्सीन लगवाने की जागरूकता, कोरोना वॉरियर्स का सम्मान बढ़ाने वाले जागरूकता समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित करेंगे और प्रशिक्षण उपरांत बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। इन प्रतियोगिताओं में पेंटिंग, स्केचिंग, एकल लोकगीत, एकल लोक नृत्य, एकल देशभक्ति गीत ब्लॉग व अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चे ऑनलाइन अपनी प्रस्तुतियां परिषद द्वारा जारी पोर्टल लिंक summervacationcamp.in पर अपलोड की जा सकेंगी, जोकि परिषद की वेबसाइट www.childwelfareharyana.com पर उपलब्ध रहेगा। 12May-2021

मंडे स्पेशल: लॉकडाउन के बावजूद सामने आया मौतों मंजर

एक सप्ताह में संक्रमण से हुई मौतों ने बीते अप्रैल माह को पछाड़ा प्रदेश के हरेक गांव तक संक्रमण की दस्तक से बने भयावह हालात ओ.पी. पाल. रोहतक। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की नई लहर ने बीते अप्रैल माह की तुलना में मई के एक हफ्ते में ही कहीं अधिक मौतों का मंजर दिखाते हुए भयावह हालात पैदा कर दिये हैं। लॉकडाउन लागू होने के बावजूद संक्रमण का प्रदेश पर मजबूत होता शिकंजा शायद आमजन की लापरवाही का परिणाम हो सकता है। मसलन पिछले साल राष्ट्रीय लॉकडाउन और आम आदमी की सतर्कता के चलते जहां संक्रमण की रफ्तार कुछ कम थी, लेकिन इस साल अप्रैल माह से कहीं ज्यादा मई माह में लापरवाही के चलते संक्रमण ने प्रदेश को अपने शिकंजे में जकड़ लिया है। हरियाणा में पिछले साल पहला कोरोना केस 17 मार्च को आया था और कोरोना संक्रमण से पहली मौत दो अप्रैल को हुई थी। पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ होने वाली मौतों की संख्या में हजारों गुणा इजाफा हो चुका है। चिंताजनक बात ये है कि प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा गांव होगा, जहां कोरोना संक्रमण का केस सामने न आया हो। हरियाणा में कोरोना संक्रमण की लगातार बढ़ती रफ्तार के कारण लॉकडाउन लागू है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस बार लॉकडाउन में वह सख्ती कहीं तक नजर नहीं आ रही है। शायद यही कारण है कि आमजन संक्रमण के प्रति सतर्क होने के बजाए लापरवाही बरत रहे है, जिसका कारण पिछले साल के मुकाबले इस साल अप्रैल-मई में कोरोना के दैनिक मामलों और मौतों में तीन से चार अंक गुणा बढ़ोतरी सामने आ रही है। शहरी क्षेत्र के साथ प्रदेश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंची कोरोना संक्रमण की आंच ने चिंता को बढ़ा दिया है। रोहतक के टिटौली और भिवानी जिले के मुंढाल खुर्द, मुंढाल कला व पड़ोसी गांव में एक सप्ताह 30 लोगों और रोहतक के टिटौली गांव में करीब 40 ग्रामीणों की कोरोना से मौत ने भय का माहौल पैदा कर दिया। ------------- अप्रैल महीने पर भारी मई का पहला हफ्ता ----------- बीते साल अप्रैल तक जहां कोरोना के केवल 319 मामले आए और तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं इस साल अप्रैल में 1.97 लाख 178 मामले सामने और और 1061 लोगों को कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी। जहां तक पिछले साल मई के पहले एक सप्ताह में कोरोना 286 संक्रमित आए और छह लोगों की मौत हुई थी, वहीं इस साल मई के पहले सप्ताह में 99,704 संक्रमण के मामले और 1,083 लोगों की मौत हुई यानि हर दिन औसतन 155 लोगों की मौत हो रही है। जबकि पिछले माह अप्रैल में रोजना का औसत 35 मौत का था। पिछले माह की तुलना में मई में अब तक दैनिक कोरोना मामलों में भी दोगुणा से ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा रही है। ------ इस साल अप्रैल का कहर ------- प्रदेश में पिछले एक अप्रैल तक 29 मामले थे और एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया था। 15 अप्रैल को यह संक्रमितों की संख्या बढ़कर 190 होने के साथ दो लोगों की मौत सामने आई थी। जबकि 30 अप्रैल को प्रदेशभर में 343 संक्रमित और 03 मौतों का आंकड़ा सामने आया था। इसके मुकाबले प्रदेश में इस साल एक अप्रैल संक्रमितों की संख्या 2,92,409 तक पहुंच गई और मौतों का आंकड़ा 3,164 तक पहुंच चुका था, जो बढ़कर 30 अप्रैल को तेजी से बढ़कर 487978 संक्रमितों और 4216 मौतों तक जा पहुंचा। -------------- प्रदेश में अब तक 5605 मौतें -------------- प्रदेश में आज रविवार को 13,548 नए मामलों के बाद कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 6,15,897 हो गई है। जबकि कोरोना से रविवार को मौत का शिकार हुए 151 लोगों की मौत के बाद प्रदेश में यह आंकड़ा बढ़कर 5,605 हो गया है। पिछले 24 घंटे में 12,639 मरीजों के ठीक होने के बाद प्रदेश में कोरोना को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 4,93,425 हो गई है। जबकि 758 सक्रीय मरीज आने के बाद उनकी संख्या 1,16,867 पहुंच गई है। प्रदेश में अब तक 1223 मरीज ऑक्सीजन और 272 मरीज वेंटिलेटर के सहारे सांसे गिन रहे हैं। वहीं प्रदेश में अब तक 43,60,128 ने कोरोना बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण कराया है। ________________________________________________________________ पिछले साल अप्रैल-मई की तुलना में इस साल के अप्रैल-मई का कहर कोरोना संक्रमण मई 2021(सात दिन)- मई2020(सात दिन) अप्रैल 2021 अप्रैल 2020 कोराना मामले 99,704 286 1,97,178 314 मौतें 1,083 06 1,061 03 ---------------------------------------------------------------------------------- मई 2020 के पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमण दिनांक नए मरीज मौतें 01 मई- 19 0 02 मई- 40 02 03 मई- 50 01 04 मई- 78 01 05 मई- 22 00 06 मई- 44 01 07 मई- 32 01 ----------------- कुल 286 06 -------------------------- मई 2021 के पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमण दिनांक नए मरीज मौतें 01 मई 13,588 125 02 मई 13,322 145 03 मई 12,885 140 04 मई 15,786 153 05 मई 15416 181 06 मई 14,840 177 06 मई 14,840 177 07 मई 13,867 162 ------------------------ कुल-99,704 1,083 --------------------------------- नोट: मई 2021 के पहले सप्ताह में औसतन प्रतिदिन 14,244 कोरोना मामले आए और मौतें हुई - --------------------------------------- मई का पहला सप्ताह बनाम अप्रैल के 30 दिल ------------- -कोरोना संक्रमण मई(सात दिन) अप्रैल(30 दिन) - कुल मामले 99,704 1,97,178 -कुल मौतें 1,083 1061 -ठीक हुए कुल मामले 80,220 108281 -कुल सक्रीय मरीज 18,401 87,836 -नए मामले प्रतिदिन 14,244 6,573 - प्रतिदिन औसतन मौत 155 35 -प्रतिदिन ठीक हुए मरीज 1,460 3,609 -औसतन प्रतिदिन सक्रीय 2,629 2,928 -------------------- 11May-2021

अब होम आईसेलेट मरीजों की होगी निगरानी

बीडीपीओ को समितियां व उप समितियां गठित करने के आदेश कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का सर्वेक्षण करने के निर्देश एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार होंगे नोडल अधिकारी नियुक्त हरिभूमि न्यूज.रोहतक। कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है, जिसमें घरों में आईसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों की निगरानी के लिए समितयों और उप समितियों का गठन किया जा रहा है, जो होम आईसोलेट मरीजों का सर्वेक्षण करेंगी कि वे घरों में एकांतवास में रहकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके लिये तैयार की गई योजना में एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें नियंत्रण करने के लिए घरों में ऐसे मरीजों की निगरानी करने के लिए समितियां और उप समितियों के जरिए सर्वेक्षण करने का फैसला किया गया है। इसके लिए रोहतक जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में हरियाणा महामारी अधिनियम, कोविड-19 रेगुलेशन 2020, वैश्विक महामारी अधिनियम 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिला के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को आदेश दिये जारी किये है, कि वे घरों में आईसोलेट कोविड पॉजिटिव मरीजों के सर्वेक्षण के लिए समितियां एवं उप-समितियां गठित करें। इन आदेशों के तहत संबंधित उपमंडलाधीश द्वारा अपने क्षेत्रों में इस सर्वेक्षण को सम्पूर्ण करवाया जायेगा। इसमें जिला राजस्व अधिकारी, सिविल सर्जन अथवा उनका प्रतिनिधि, जिला आयुर्वेद अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी उन्हें इस कार्य में मदद करेंगे। -----जिले में 90 फीसदी मरीज होम आईसोलेट----- जिला में आईसोलेट करीब 90 प्रतिशत मरीज संक्रमण मुक्त हो रहे है। इस ऐसे मरीज घरों में एकांतवास में रहकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे है या नहीं इसके लिए सर्वेक्षण करने के लिए उनकी निगरानी की जाएगगी। इसमें जिला प्रशासन के लिए हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है, इसलिए घरों में एकांतवास में इलाज ले रहे कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी जरूरी है। कोविड-19 का परिदृश्य में बदलाव हुआ है तथा अब बड़े शहरों की बजाय ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा मरीज सामने आ रहे है। इसलिए मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए ऐसी योजना तैयार की गई है। ---फोन पर लेंगे मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी---- जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किये गये नियंत्रण कक्ष के माध्यम से एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार (99136-00097) घरों में आईसोलेट पॉजिटिव मरीजों से फोन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए ओवर ऑल इंचार्ज होंगे। डीआईओ द्वारा कॉलिंग सिस्टम सेटअप किया जायेगा तथा इलैक्ट्रोनिक उपकरण उपलब्ध करवाये जायेंगे। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी द्वारा इस कार्य के लिए नेहरू युवा केंद्र के वॉलंटियर्स की सूची सौंपी जायेगी तथा प्रशिक्षण में मदद करेंगे। सिविल सर्जन द्वारा कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की सूची उपलब्ध करवाई जायेगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गये है तथा इन आदेशों की उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धाराओं 51 से 60 के तहत सख्त कार्रवाई की जायेगी। 11May92021

आजकल: चुनावी नतीजों का राष्ट्रीय राजनीति पर नहीं पड़ेगा असर

------डा. संजय कुमार---- देश में पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने देश के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के लिए भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति में नई उम्मीद जगी है। लेकिन इन राज्यों के इन चुनावी नतीजों का राष्ट्रीय राजनीति पर कोई भी सीधा असर पड़ने वाला नहीं है। इसकी मुख्य वजह यही है कि विधानसभा चुनाव राज्य और स्थानीय स्तर के मुद्दों पर लड़ा जाता है और क्षेत्रीय दलों का प्रभाव अपने अपने राज्यों तक ही सीमित है, जिनमें राष्ट्रीय नेतृत्व का अभाव है। दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि देश का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है कि तीसरा मोर्चा खड़ा करने के नाम पर विपक्षी दलों का एकजुट होने की दूर तक संभावनाएं नजर नहीं आती। यह इसलिए भी मुश्किल डगर है कि क्षेत्रीय दलों की एकजुटता में राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व को लेकर आम सहमति नहीं बन पाती है, क्योंसभी क्षत्रपों में अपने दलों का नेतृत्व कर रहे सभी नेता राष्ट्रीय नेतृत्व की अपेक्षा रखते हैं। इसके विपरीत यदि एक या दो राज्यों में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन और उसकी जीत सामने आती तो राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती थी, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन मनोबल गिरता नजर आ रहा है। इसलिए पांचों राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी दलों की राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को पीएम मोदी का विकल्प बनाने की उम्मीदों को जगाने वाली व्यापक रूप से चर्चा इसलिए बेमाने है, क्योंकि देश का नेतृत्व करने के लिए कार्यकर्ताओं की एक मजबूत टीम का होना जरूरी है। यदि ममता बनर्जी की ही बात की जाए तो वह बंगाल में तो मजबूत और लोकप्रिय है, लेकिन बंगाल से ही लगे हुए राज्य झारखंड और बिहार में ममता की कोई लोकप्रियता नहीं है। वैसे भी राष्ट्रीय स्तर की राजनीति संख्याबल के आधार पर आंकी जाती है, जिसमें किसी भी क्षेत्रीय दल की संख्या 30-40 तक भी नहीं है, जबकि कम से कम 70-80 होनी चाहिए। इसलिए राज्यों में सत्ता संभाल रहे किसी भी क्षेत्रीय दल की लोकसभा में 20-22 से ज्यादा नहीं है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पीएम मोदी का विकल्प बन सकती थी, लेकिन उसका राज्य विधानसभा चुनाव में लगातार प्रदर्शन खराब हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर इन चुनावी नतीजों का असर इसलिए भी पड़ने वाला है कि यदि पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों की बात की जाए तो उसमें भाजपा ने जो अपेक्षा की थी, उसकी तुलना में उसका प्रदर्शन खराब रहा। इसके बावजूद भाजपा का जो प्रदर्शन रहा उसमें उसने 2016 में तीन सीटों को बढ़ाकर 77 तक प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा हासिल कर लिया। यही नहीं बंगाल के इस प्रदर्शन के सहारे भाजपा राज्यसभा में भी मजबूत होगी। जबकि तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही थी, जिनका असर अपने राज्य तक ही सीमित है। टीएमसी के बेहतर प्रदर्शन के सहारे यह कहना कि वे राष्ट्रीय नेतृत्व करके पीएम मोदी को भविष्य में चुनौती देंगी, ऐसा कतई संभव नहीं है। इसी प्रकार तमिलनाडु, केरल, पुडूचेरी में जो दल बहुमत में आए उनका अपने राज्य में प्रभाव रहा। असम में चूंकि पहले से ही भाजपा की सत्ता थी, तो राज्यस्तर के मुद्दों में उसे ही दोबारा बहुमत मिला है। इसलिए राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी दलों को केवल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाकर गैर भाजपा गठबंधन की उम्मीद करने का कोई औचित्य नहीं है। --------- राष्ट्रीय दलों के सामने चुनौती--- पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने खासतौर से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल को लेकर नई राजनीतिक तस्वीर पेश की है, जो क्षेत्रीय दलों की भाषा, कार्यकलाप और ढांचा राष्ट्रीय दरलों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इससे आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर नया समीकरण बनेगा, जो क्षेत्रीय दलों के लिए नई उम्मीद दर्शाता है। इन चुनावी नतीजों ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि क्षेत्रीय दलों की राजनीति खत्म हो रही है, लेकिन इन चुनावी नतीजों से ऐसा नहीं लगता, बल्कि राष्ट्रीय दलों के लिए क्षेत्रीय दल चुनौती साबित होंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडूचेरी और असम के चुनावों में भाजपा खासकर पश्चिम बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी को दूर तक भी नही पछाड़ सकी। भाजपा की इसी रणनीति के फोकस के कारण भविष्य में उसके सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। मसलन यदि इस कोरोनाकाल में मोदी सरकार चिकित्सा सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था भी कर देती तो भविष्य की राजनीतिक माहौल उसके पक्ष में जा सकता था। लेकिन इसके विपरीत ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में भविष्य यह रणनीति उसके विरोध में जाती नजर आ रही है। इसलिए तमाम विपक्षी दलों को ताकत मिली है, जो राष्ट्रीय स्तरी की राजनीति का नया समीकरण का सबब बनेगी। राज्यों में ऐसे चुनावी नतीजों से क्षेत्रीय दलों के ताकतवर होने से इंकार नहीं किया जा सकता, तो भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ा होना स्वाभाविक है। -प्रो. विवेक कुमार, जेएनयू -(ओ.पी.पाल से बातचीत पर आधारित) 09May-2021

रोहतक में लगेगा बड़ा ऑक्सीजन प्लांट

ईलाज व जांच के नाम पर मनमानी वसूली करने वालों पर कसेगा शिकंजा हरिभूमि न्यूज.रोहतक। कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन लगातार बेहतर प्रबंधों को अंजाम देने में जुटा है, जिसमें खासकर ऑक्सीजन की समस्या के समाधान करने का रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा ने ऐलान किया है कि रोहतक में जल्द ही ऑक्सीजन का बड़ा प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे जल्द ही लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सांसद अरविंद शर्मा ने शुक्रवार को यह ऐलान यहां कोरोना महामारी के निपटने के लिए प्रशासन द्वारा किये गए प्रबंधों को लेकर वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए जल्द ही रोहतक में ऑक्सीजन का बड़ा प्लांट लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की कमी न रहें। इस प्लांट का जल्द ही इसका लाभ मिलना शुरु हो जाएगा। वहीं सांसद अरविंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ईलाज के नाम पर निर्धारित रेटों के अलावा अधिक रुपये वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी और निजी लैबों पर भी प्रशासन की नजर है। अगर इस संबंध में शिकायत मिली तो तुरंत कारवाई होगी। सांसद ने कहा कि कोरोना प्रबंधन में आ रही समस्याओं को लेकर वह मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से लगातार संपर्क में है। शर्मा ने कहा कि घरों में आईसोलेट मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया करवाने के लिए प्रशासन जुटा हुआ है ओर जल्द ही लोगों को राहत वाली खबर मिलेगी। हालांकि एक-एक मरीज की जान बचाने के लिए पूरा प्रशासन दिन-रात लगा हुआ है और सांसद ने रोहतक उपायुक्त व ईलाज में जुटे डाक्टरों की भी सराहना की। रोहतक में जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक में रोहतक के विधायक भारत भूषण बतरा, मेयर मनमोहन गोयल, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, सीएमओ अनिल बिराल सहित कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कोरोना महामारी को रोकने के लिए अपने-अपने सुझाव दिये। --------हैल्प लाइन नंबर काल को नजरअंदाज न करें अधिकार-----------ी सांसद अरविंद शर्मा ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि लोगों की मद्द के लिए जो भी हैल्प नंबर जारी किये गए है, उनका अनदेखा न किया जाए और हैल्प नंबर नंबर पर अधिकारी ह संभव मदद करें। महामारी का समय है, प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी का फर्ज बनता है कि सहयोग करें। सांसद ने लोगों से अपील की गांव में बढ़ रहे कोरोना के मामले को देखते हुए सरकार की हिदायतों का पालन सुनिश्चित करें। ----------हर वार्ड में सेनेटाइजेशन करने का सुझाव---------- विधायक भारत भूषण बतरा ने सुझाव देते हुए कहा कि जरूरतमंद मरीजों को अगर घर पर ऑक्सीजन उपलब्ध करवा दी जाए तो अस्पतालों पर दबाव कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजसेवी संस्थाएं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए तो सिविल सर्जन के माध्यम से उन्हें घरों पर जरूरतमंद लोगों को दिया जा सकता है। विधायक बत्रा ने पार्षदों के माध्यम से हर वार्ड में युद्ध स्तर पर सैनिटाइजेशन का कार्य करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने महामारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के बारे में भी सुझाव दिया। वहीं मेयर मनमोहन गोयल ने सुझाव देते हुए कहा कि गांव पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद व मरीज को ऑक्सीजन मिलनी चाहिए। ---------नियंत्रण में है महामारी: उपायुक्त---------- जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में मृत्यु व पॉजिटिविटी मामलों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जिले का दौरा कर रहे हैं और सामने आया है कि 80 से 90 लोग मास्किंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को उनके घर द्वार पर ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जाए। उपायुक्त ने कहा कि फोन सुनने के लिए जिला प्रशासन ने दो अधिकारियों की तैनाती कर दी है। उन्होंने कहा कि स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन का वितरण पारदर्शी तरीके से हो रहा है। रेमडेसिविर व दवाईयों आदि का पूरा डाटा प्रशासन के पास है। उन्होंने कहा कि कोविड से संबंधित हर एक प्रबंध के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा, जिला पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। 08May-2021

कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीण इलाकों ज्यादा फोकस

ऑक्सीजन की निगरानी के लिए गठित होगी समिति सीएम के साथ समीक्षा बैठक में शामिल हुए जिला उपायुक्त व अधिकारी हरिभूमि न्यूज.रोहतक। कोरोना नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशों के तहत रोहतक जिला प्रशासन ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करेगा। जबकि ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए समिति का गठन भी किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण पर फोकस किया जाएगा। दरअसल गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला उपायुक्तों व अन्य प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए किये गये प्रबंधों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने खासतौर से सभी जिला उपायुक्तों को ऑक्सीजन टैंकर्स को बॉटलिंग प्लांट पर अनलोड करवाते समय इस बात को ध्यान रखने को कहा है कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो, ताकि अस्पतालों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित न हो सके। ऑक्सीजन की गंतव्य तक निर्बाध आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन टैंकरों के साथ पुलिस के वाहन चलाने को भी कहा गया है। ऑक्सीजन की उपलब्धता और उसकी अस्पतालों तक समय से आपूर्ति को लेकर गंभीर राज्य सरकार ने निर्देश दिये हैं कि आक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी उपायुक्त स्वयं करें और अस्पतालों को सप्लाई की जा रही ऑक्सीजन की स्वयं निगरानी करें। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रोहतक जिला प्रशासन ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए समिति का गठन भी करेगा। हालांकि कोरोना प्रबंधन को और ज्यादा बेहतर बनाने की दिशा में जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने पहले से ही निगरानी समितियां गठित की हुई हैं, जो कोरोना अस्पतालों का निरीक्षण करके वहां दी जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। --------ग्रामीण क्षेत्रों में जांच शिविर---------- समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों के अलावा कोरोना वायरस को नियंत्रण करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाकर ग्रामीणों को कोरोना जांच और वैक्सीन के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसका मकसद कोविड-19 के संक्रमण का जल्दी पता लगाकर उस पर नियंत्रण करना है। कोरोना से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिसमें मास्क लगाना, दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करना, हाथों को बार-बार साबुन व हेंड सेनिटाइजर से साफ करना जैसी जानकारियां दी जाएंगी और उन्हें कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए भी प्रोत्सहित किया जाएगा। यही नहीं हालातों को देखते हुए रेपिड, एंटीजन एवं आरटीपीसीआर टैस्ट भी करवाएं जाएंगे। जागरूकता अभियान के दौरान गांवों में कोविड-19 से बचाव के संदर्भ में साहित्य भी वितरित करके ग्रामीणों में विश्वास बहाली का कार्य किया जायेगा, इसमें प्रशासन पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी भागीदार बनाएगा। ------------- रोजाना तीन हजार टेस्ट: उपायुक्त-------------- मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक में जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिला में निगरानी समितियां गठित की गई है। ऑक्सीजन व आवश्यक दवाईयों की निगरानी के लिए भी समिति गठित की गई है। वहीं अस्पतालों के ऑडिट के लिए भी निगरानी समिति बनाई गई है। जिला में प्रतिदिन लगभग 3 हजार टैस्ट किये जा रहे है। जिला का रिकवरी रेट 89 प्रतिशत है। जिला में मृत्युदर एवं पॉजिटिविटी दर में कमी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ-साथ टिटौली गांव को सेनिटाइज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में टैस्टिंग के साथ मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रशासन ने जिला में एम्बुलेंस के रेट निर्धारित किये गये है। ------------बैठक में ये रहे शामिल----------- कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ वीडियो कांफ्रेंसिक के जरिए समीक्षा बैठक में रोहतक जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिला के प्रभारी आनंद मोहन शरण, नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, मेजर गायत्री अहलावत व श्वेता सुहाग, पीजीआईएमएस के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, नगराधीश ज्योति मित्तल, जिला में तैनात एचसीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, पीजीआई की सीएमओ डॉ. सुषमा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। 07May-2021

ऑक्सीजन की निगरानी के लिए गठित होगी समिति

कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीण इलाकों ज्यादा फोकस सीएम के साथ समीक्षा बैठक में शामिल हुए जिला उपायुक्त व अधिकारी हरिभूमि न्यूज.रोहतक। कोरोना नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशों के तहत रोहतक जिला प्रशासन ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करेगा। जबकि ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए समिति का गठन भी किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण पर फोकस किया जाएगा। दरअसल गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला उपायुक्तों व अन्य प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए किये गये प्रबंधों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने खासतौर से सभी जिला उपायुक्तों को ऑक्सीजन टैंकर्स को बॉटलिंग प्लांट पर अनलोड करवाते समय इस बात को ध्यान रखने को कहा है कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो, ताकि अस्पतालों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित न हो सके। ऑक्सीजन की गंतव्य तक निर्बाध आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन टैंकरों के साथ पुलिस के वाहन चलाने को भी कहा गया है। ऑक्सीजन की उपलब्धता और उसकी अस्पतालों तक समय से आपूर्ति को लेकर गंभीर राज्य सरकार ने निर्देश दिये हैं कि आक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी उपायुक्त स्वयं करें और अस्पतालों को सप्लाई की जा रही ऑक्सीजन की स्वयं निगरानी करें। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रोहतक जिला प्रशासन ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले टैंकर और ऑक्सीजन की मांग की निगरानी के लिए समिति का गठन भी करेगा। हालांकि कोरोना प्रबंधन को और ज्यादा बेहतर बनाने की दिशा में जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने पहले से ही निगरानी समितियां गठित की हुई हैं, जो कोरोना अस्पतालों का निरीक्षण करके वहां दी जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। ------------ग्रामीण क्षेत्रों में जांच शिविर---------- समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों के अलावा कोरोना वायरस को नियंत्रण करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाकर ग्रामीणों को कोरोना जांच और वैक्सीन के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसका मकसद कोविड-19 के संक्रमण का जल्दी पता लगाकर उस पर नियंत्रण करना है। कोरोना से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिसमें मास्क लगाना, दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करना, हाथों को बार-बार साबुन व हेंड सेनिटाइजर से साफ करना जैसी जानकारियां दी जाएंगी और उन्हें कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए भी प्रोत्सहित किया जाएगा। यही नहीं हालातों को देखते हुए रेपिड, एंटीजन एवं आरटीपीसीआर टैस्ट भी करवाएं जाएंगे। जागरूकता अभियान के दौरान गांवों में कोविड-19 से बचाव के संदर्भ में साहित्य भी वितरित करके ग्रामीणों में विश्वास बहाली का कार्य किया जायेगा, इसमें प्रशासन पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी भागीदार बनाएगा। ------------ रोजाना तीन हजार टेस्ट: उपायुक्त---------- मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक में जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिला में निगरानी समितियां गठित की गई है। ऑक्सीजन व आवश्यक दवाईयों की निगरानी के लिए भी समिति गठित की गई है। वहीं अस्पतालों के ऑडिट के लिए भी निगरानी समिति बनाई गई है। जिला में प्रतिदिन लगभग 3 हजार टैस्ट किये जा रहे है। जिला का रिकवरी रेट 89 प्रतिशत है। जिला में मृत्युदर एवं पॉजिटिविटी दर में कमी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ-साथ टिटौली गांव को सेनिटाइज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में टैस्टिंग के साथ मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रशासन ने जिला में एम्बुलेंस के रेट निर्धारित किये गये है। ----------बैठक में ये रहे शामिल--------- कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ वीडियो कांफ्रेंसिक के जरिए समीक्षा बैठक में रोहतक जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिला के प्रभारी आनंद मोहन शरण, नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, मेजर गायत्री अहलावत व श्वेता सुहाग, पीजीआईएमएस के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, नगराधीश ज्योति मित्तल, जिला में तैनात एचसीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, पीजीआई की सीएमओ डॉ. सुषमा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। 07May-