वित्तीय सेवाओं में नजर आएगी महंगाई
अनाज व दूध जैसी घरेलू वस्तुएं होंगी करमुक्त
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
देश में ऐतिहासिक कर सुधार की दिशा में आगामी एक जुलाई को लागू होने वाले प्रस्तावित जीएसटी कानून को लेकर माथापच्ची कर रही जीएसटी परिषद ने सोने सोने समेत कुछ जींसों को छोड़कर ज्यादातर सेवाओं के लिए कर दरों को अंतिम रूप दिया है। इसमें जहां शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया गया, वहीं अनाज व दूध जैसी घरेलू वस्तुएं करमुक्त रहेंगी।
देश के इतिहास में सबसे बड़ा टैक्स सुधार की दिशा में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून लागू करने के प्रयास में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो दिन तक चली जीएसटी परिषद की बैठक में सोने जैसी कुछ जींसों को छोड़कर बाकी 90 फीसदी से ज्यादा सेवाओं के कर निर्धारण पर सहमति बन चुकी है। अब तीन जून को फिर होने वाली परिषद की बैठक में सोने आदि के कर निर्धारण को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 14वीं बैठक में जीएसटी परिषद ने प्रस्तावित जीएसटी कानून से जुड़े 9 अहम नियमों को मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों के अुनसार इस बैठक में जीएसटी को आम जनता की राहत का हथियार बनाने के प्रयास में परिषद ने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सेवाओं को जीएसटी से छूट देने का फैसला किया। अन्य सेवाओं पर चार अलग अलग दरों 5,12,18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला पहले ही किया जा चुका है। इस बैठक में केन्द्र और राज्यों के बीच अहितकर और लक्जरी सामानों पर 28 प्रतिशत की शीर्ष दर के ऊपर उपकर लगाने पर सहमति बनी है।
अनाज व दूध करमुक्त
जीएसटी के तहत अनाज, दूध व पूजा सामग्री करमुक्त करने का फैसला किया गया है। इसी प्रकार लाटरी पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। वहीं चीनी, चाय और खाद्य तेल 5 फीसद टैक्स स्लैब के दायरे में होंगे। इसके अलावा घीं और ड्रॉई फ्रुट्स, फ्रीज किए हुए मांस उत्पाद, पैकिंग में आने वाले बटर, चीज, एनिमल फैट सॉसेज, फ्रूट जूस, भूटिया, नमकीन, आयुर्वेदिक दवाएं, टूथ पावडर, कलरिंग बुक्स, पिक्चर बुक्स, छाते, सिलाई मशीन और मोबाइल फोन 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। इस कर के दायरे में आईस्क्रीम, रिफाइंड शक्कर, पास्ता, कॉर्नμलैक्स, पैस्ट्री और केक, प्रीजर्व की हुई सब्जियां, मिनरल वाटर, जैम, सॉस, सूप, इंस्टेंट फूड मिक्स, टिशू, लिफाफे, नोट बुक, स्टील के बर्तन, प्रिंटेज सर्किट, स्पीकर्स और मॉनिटर्स के अलावा कैमरों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगने वाला है।
राहत के साथ हल्की होंगी जेबें
जीएसटी के लिए परिषद द्वारा तय किये गये नए नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, कंपोजीशन, ट्रांजिशन, इनवॉइस, पेमेंट, वैल्युएशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट शामिल है। दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, तो सिनेमा हॉल, जुआघरों और घुड़ दौड़ पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जायेगा। बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि एसी सुविधा वाले और शराब परोसने का लाइसेंसयुकत रेस्त्रां पर 18 प्रतिशत, पांच सितारा होटलों पर 28 प्रतिशत और 1,000 से 2,500 रुपये की दर वाले होटलों और नॉन एसी रेस्टोरेंट पर 12 फीसद की दर से सेवा कर लगाया जाएगा। जबकि 5000 रुपए प्रति रात से ऊपर के किराए वाले होटल्स पर 28 फीसद की दर से जीएसटी लागू होगा।
अनाज व दूध जैसी घरेलू वस्तुएं होंगी करमुक्त
हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली।
देश में ऐतिहासिक कर सुधार की दिशा में आगामी एक जुलाई को लागू होने वाले प्रस्तावित जीएसटी कानून को लेकर माथापच्ची कर रही जीएसटी परिषद ने सोने सोने समेत कुछ जींसों को छोड़कर ज्यादातर सेवाओं के लिए कर दरों को अंतिम रूप दिया है। इसमें जहां शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया गया, वहीं अनाज व दूध जैसी घरेलू वस्तुएं करमुक्त रहेंगी।
देश के इतिहास में सबसे बड़ा टैक्स सुधार की दिशा में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून लागू करने के प्रयास में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो दिन तक चली जीएसटी परिषद की बैठक में सोने जैसी कुछ जींसों को छोड़कर बाकी 90 फीसदी से ज्यादा सेवाओं के कर निर्धारण पर सहमति बन चुकी है। अब तीन जून को फिर होने वाली परिषद की बैठक में सोने आदि के कर निर्धारण को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 14वीं बैठक में जीएसटी परिषद ने प्रस्तावित जीएसटी कानून से जुड़े 9 अहम नियमों को मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों के अुनसार इस बैठक में जीएसटी को आम जनता की राहत का हथियार बनाने के प्रयास में परिषद ने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सेवाओं को जीएसटी से छूट देने का फैसला किया। अन्य सेवाओं पर चार अलग अलग दरों 5,12,18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला पहले ही किया जा चुका है। इस बैठक में केन्द्र और राज्यों के बीच अहितकर और लक्जरी सामानों पर 28 प्रतिशत की शीर्ष दर के ऊपर उपकर लगाने पर सहमति बनी है।
अनाज व दूध करमुक्त
जीएसटी के तहत अनाज, दूध व पूजा सामग्री करमुक्त करने का फैसला किया गया है। इसी प्रकार लाटरी पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। वहीं चीनी, चाय और खाद्य तेल 5 फीसद टैक्स स्लैब के दायरे में होंगे। इसके अलावा घीं और ड्रॉई फ्रुट्स, फ्रीज किए हुए मांस उत्पाद, पैकिंग में आने वाले बटर, चीज, एनिमल फैट सॉसेज, फ्रूट जूस, भूटिया, नमकीन, आयुर्वेदिक दवाएं, टूथ पावडर, कलरिंग बुक्स, पिक्चर बुक्स, छाते, सिलाई मशीन और मोबाइल फोन 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। इस कर के दायरे में आईस्क्रीम, रिफाइंड शक्कर, पास्ता, कॉर्नμलैक्स, पैस्ट्री और केक, प्रीजर्व की हुई सब्जियां, मिनरल वाटर, जैम, सॉस, सूप, इंस्टेंट फूड मिक्स, टिशू, लिफाफे, नोट बुक, स्टील के बर्तन, प्रिंटेज सर्किट, स्पीकर्स और मॉनिटर्स के अलावा कैमरों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगने वाला है।
राहत के साथ हल्की होंगी जेबें
जीएसटी के लिए परिषद द्वारा तय किये गये नए नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, कंपोजीशन, ट्रांजिशन, इनवॉइस, पेमेंट, वैल्युएशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट शामिल है। दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, तो सिनेमा हॉल, जुआघरों और घुड़ दौड़ पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जायेगा। बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि एसी सुविधा वाले और शराब परोसने का लाइसेंसयुकत रेस्त्रां पर 18 प्रतिशत, पांच सितारा होटलों पर 28 प्रतिशत और 1,000 से 2,500 रुपये की दर वाले होटलों और नॉन एसी रेस्टोरेंट पर 12 फीसद की दर से सेवा कर लगाया जाएगा। जबकि 5000 रुपए प्रति रात से ऊपर के किराए वाले होटल्स पर 28 फीसद की दर से जीएसटी लागू होगा।












